रुद्रपुर। केंद्र सरकार का ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने पर जोर है। वहीं ऊधमसिंह नगर में औद्योगिक इकाइयों में साल भर रोजगार के अवसर मिलने के चलते अधिकतर जाॅब कार्ड धारक परिवार मनरेगा से मुंह मोड़ रहे हैं। इसके चलते विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 4474 परिवारों के 10,139 व्यक्ति के जाॅब कार्ड हटा दिए हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में प्रति परिवार 100 दिन का रोजगार देने की योजना है। ऊधमसिंह नगर में औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते यहां आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। इसका असर यह है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में बड़ी तादाद में मनरेगा श्रमिकों के जाॅबकार्ड हटाए गए। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है औद्योगिक इकाइयों में पूरे वर्ष रोजगार के अवसर मिलना।
वहीं तीन वर्ष से अधिक समय तक अधिकतर मनरेगा श्रमिकों ने काम की डिमांड ही नहीं की। इसके चलते इनका पंजीयन तो साइट पर दिखाता रहा। इसे लेकर ग्राम विकास विभाग ने ऐसे कार्डों को डिलीट करने का निर्णय लिया।
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कुल जाॅब कार्ड - 1,02,479 परिवार
डिलीट जाॅब कार्ड - 4474 परिवार
प्रभावित व्यक्ति - 10139
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जनपद में ब्लाॅकवार आंकड़े-
ब्लाक - कुल जाॅब कार्ड - डिलीट जाॅब कार्ड
बाजपुर - 14609 - 348
गदरपुर - 11134 - 1003
जसपुर - 13173 - 178
काशीपुर - 8340 - 2605
खटिमा - 22343 - 105
रुद्रपुर - 10721 - 175
सितारगंज - 22163 - 60
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- जिन श्रमिकों ने काम की डिमांड की उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया गया। तीन साल तक लगातार काम की डिमांड करने वालों को माना जाता है कि वे इच्छुक नहीं हैं। ऐसे कार्ड सूची से हटा दिए जाते हैं। यहां औद्योगिक क्षेत्र होने के नाते भी असर पड़ता है। - सुशील मोहन डोभाल, डीडीओ।