गदरपुर/दिनेशपुर। डीएम और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में ग्राम खटोला में बिना अनुमति 0.100 हेक्टेयर जमीन पर लगाई गई ग्रीष्मकालीन धान की पौध को प्रशासन ने नष्ट करा दिया।
शनिवार को एसडीएम ऋचा सिंह, तहसीलदार लीना चंद्रा और जिला कृषि अधिकारी वाईके यादव संयुक्त टीम के साथ खटोला पहुंचे। टीम ने जांच के बाद बिना अनुमति के 0.100 हेक्टेयर जमीन पर बोई गई ग्रीष्मकालीन धान की पौध को ट्रैक्टर चलवा कर नष्ट करवा दिया।
इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध करना चाहा तो अधिकारियों ने उन्हें ग्रीष्मकालीन धान से होने वाले नुकसान की जानकारी दी और वैकल्पिक फसलों के लिए विभागीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान कानूनगो भगत सिंह और लेखपाल नरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
ग्रीष्मकालीन धान की पौध नष्ट करने पर भाकियू ने जताया विरोध
प्रशासन से की पुनर्विचार की मांग
गदरपुर। तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक टीम के ग्रीष्मकालीन धान की पौध नष्ट किए जाने की कार्रवाई का भाकियू (अराजनैतिक) से जुड़े किसानों ने विरोध जताया है।
शनिवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में भाकियू (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी ने प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा बिना पर्याप्त विकल्प और पूर्व सूचना के की गई इस कार्रवाई से गरीब कृषकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य त्रिनाथ विश्वास ने कहा कि मदनापुर और बरी राई क्षेत्र में जिन किसानों की ग्रीष्मकालीन धान की पौध नष्ट की गई है वे पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में फसल की पौध उजाड़े जाने से उनके परिवारों के समक्ष भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए किसानों की स्थिति पर पुनर्विचार करने और उचित समाधान निकालने की मांग की।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर अमन बाठला, सुखविंदर सिंह, सुरजीत सिंह, सज्जाद हुसैन, हरजीत सिंह आदि थे।