खटीमा। हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अभाविप के समर्थित सुमित बहादुर पाल ने एनएसयूआई समर्थित लक्ष्मण खर्कवाल को 387 मतों से पराजित किया। वहीं, सचिव पद पर शिवम गुप्ता, उपाध्यक्ष छात्र में राहुल कुमार, उपाध्यक्ष छात्रा में शिवानी राना, संयुक्त सचिव में अभिषेक कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर आंचल राणा ने परचम लहराया।
इसमें अभाविप समर्थित ने अध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, उपाध्यक्ष छात्र व एनएसयूआई समर्थित ने छात्रा उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। कुल 43 सौ वोटरों में से 2119 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। देर सायं परिणाम घोषणा के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को प्राचार्य ने शपथ दिलाई।
सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दो बजे तक सात बूथों पर मतदान हुआ। सायं चार बजे के बाद चुनाव अधिकारी केबी श्रीवास्तव की देखरेख में मतगणना शुरू हुई। सात राउंड में अंतिम क्षणों तक अधिकांश पदों पर कांटे की टक्कर रही। अध्यक्ष पद पर सुमित बहादुर पाल को 1199, लक्ष्मण खर्कवाल 812, नोटा 10, अवैध 98 मत पड़े।
वहीं, उपाध्यक्ष छात्र में राहुल कुमार 1102, नायाब हुसैन 474, नोटा 332, अवैध 211 मत पर 628 मतों से राहुल विजयी रहे। उपाध्यक्ष छात्रा में शिवानी राणा 1064, रजनी जोशी को 803 मत पड़े। 261 मतों से शिवानी ने जीत दर्ज की।
इधर, सचिव पद पर शिवम गुप्ता को 1112, नितिन श्रीवास्तव को 810 मत मिले, नोटा 50, अवैध 147 मत पर रहे। 302 मतों से शिवम ने परचम लहराया। संयुक्त सचिव में अभिषेक कुमार 1057 मत, इमरान कुरैशी को 763 मत पड़े, नोटा 127, अवैध 172 रहे। कोषाध्यक्ष में आंचल राणा 955, मो. अदनान को 922 मत पड़े। इसमें नोटा 109, अवैध 133 मत रहे।
जबकि निर्विरोध रूप से विवि प्रतिनिधि दीपक कुमार, संकाय प्रतिनिधि वाणिज्य सौरभ भारती को निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव अधिकारी के परिणाम घोषित करने के बाद प्राचार्य डॉ. एआर अंसारी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। वहां एसडीएम निर्मला बिष्ट, सीओ महेश बिंजौला, कोतवाल संजय पाठक, एसएसआई देवेंद्र गौरव समेत पुलिस बल मौजूद रहा।
उपाध्यक्ष छात्र में सर्वाधिक 332 ने नोटा का किया प्रयोग
खटीमा। छात्र संघ चुनाव में नोटा का भी विद्यार्थियों ने प्रयोग किया। चुनाव में 2119 मत पड़े, इसमें अध्यक्ष 10, उपाध्यक्ष छात्र 332, उपाध्यक्ष छात्रा में 87, सचिव में 50, संयुक्त सचिव में 127, कोषाध्यक्ष में 109 ने नोटा का प्रयोग किया। पिछले वर्षों तक नोटा का प्रयोग बहुत कम देखने को मिलता था। इस बार लिंगदोह समिति की सिफारिशों के कड़ाई से पालन का असर चुनाव की तड़क भड़क में भी साफ नजर आया।