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शिक्षिकाओं ने प्रधानाचार्या पर लगाया ज्वाइनिंग नहीं कराने का आरोप

Thu, 19 Jan 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
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। दो शिक्षिकाओं ने एसडीएम से मिलकर  जीजीआईसी की प्रधानाचार्य पर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें स्कूल में ज्वाइनिंग नहीं कराने का आरोप लगाया है। इस मामले में एसडीएम ने भी प्रधानाचार्या को पत्र भेजकर शिक्षिकाओं ज्वाइनिंग कराने के निर्देश दिए हैं।

वर्ष 2015 में तत्कालीन डीएम ने जीजीआईसी की प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा, शिक्षिका आभा श्रीवास्तव और वंदना शर्मा को अलग-अलग जगह अटैच कर दिया था। प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट गई और अटैचमेंट खत्म हो गया था। उसके बाद वे फिर से वह जीजीआईसी में प्रधानाचार्या पद पर तैनात हो गई थी। पिछले साल शिक्षिका आभा और वंदना को भी प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा ने ज्वाइनिंग कराई थी। उसके बाद प्रधानाचार्या कामिनी का विभागीय तबादला पिथौरागढ़ हो गया था।
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हाईकोर्ट के आदेश पर तबादला रुका तो प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा ने दोनों शिक्षिकाओं को एडी कार्यालय के लिए रिलीव कर दिया था। लेकिन सीईओ के आदेश पर दोनों शिक्षिकाएं बीईओ कार्यालय में अटैच कर दी गई थी। दोनों शिक्षिकाओं ने इस मामले हाईकोर्ट की शरण ली थी। बृहस्पतिवार को शिक्षिका आभा और वंदना ने एसडीएम दयानंद सरस्वती से मुलाकात कर बताया कि हाईकोर्ट ने तत्कालीन डीएम के आदेश को निरस्त करने के साथ ही उन्हें स्कूल में पठन पाठन करने के लिए आदेश दिए हैं।
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लेकिन प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा उन्हें विद्यालय में ज्वाइनिंग नहीं करा रही हैं। एसडीएम ने मामले में प्रधानाचार्या को पत्र लिखकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देेश दिए। उधर प्रधानाचार्या कामिनी ने बताया कि हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं। जब तक कोई सक्षम अधिकारी का आदेश नहीं आता है, तब तक वे शिक्षिकाओं को नियमानुसार विद्यालय में ज्वाइनिंग कराएंगी।
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