बिज्टी-मझोला राज्य मार्ग ने अराजक तत्वों ने वसूली का अड्डा बना लिया है। वे उपज ले जा रहे किसानों और वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर वे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
उत्तराखंड और यूपी के पीड़ित किसानों ने डीएम से इंसाफ की गुहार लगाई है। डीएम ने एसडीएम को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
बुधवार को बिज्टी, कटैया, मटिहा आदि गांव के किसानों ने वरिष्ठ समाजसेवी गुरविंदर सिंह शेखो के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
कहा सितारगंज शहर से बिज्टी होते हुए मझोला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) तक राज्यमार्ग बना है। इस मार्ग से हर रोज हजारों वाहन गुजरते हैं। पिछले दिनों नानकमत्ता डेरा कारसेवा द्वारा बिज्टी से आगे देवहा पुल का निर्माण भी किया गया था।
कुछ अराजक तत्वों ने गैरकानूनी रूप से इस मार्ग पर ओवरगेट बैरियर लगा दिया गया, जिससे सड़क अवरूद्ध हो गई है। इस सड़क से गुजरने वाले वाहनों व किसानों आदि से रात को अवैध वसूली की जाती है।
जबकि, शासन की ओर से कोई भी बैरियर नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध करने पर अराजक तत्वों द्वारा गाली-गलौच व अभद्रता भी की जाती है।
किसानों ने डीएम से सड़क पर लगे अवैध ओवरगेट बैरियर को हटवाने और सड़क सुचारू कराने एवं रात्रि में पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के भीतर रास्ता सुचारू नहीं किया तो आंदोलन करेंगे।
जिलाधिकारी ने सितारगंज एसडीएम विनोद कुमार को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहां पर कबीर सिंह, कय्यूम, इस्तियाक अहमद, रियाज अहमद, अखलाक, खलील अहमद आदि थे।
खटीमा एसडीएम करेंगे कार्रवाई : कुमार
देवहा पुल पर ओवरगेट बैरियर लगाकर रास्ता अवरूद्ध करने की जांच की गई थी। बैरियर गैरकानूनी है। घटनास्थल खटीमा डिवीजन में होने के कारण खटीमा एसडीएम को कार्रवाई के लिए मामला ट्रांसफर कर दिया गया है।
-विनोद कुमार, एसडीएम, सितारगंज