इकराम हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि हत्याकांड के खुलासे में लापरवाही बरती जा रही है। साथ ही फरार आरोपी को जानबूझ कर पुलिस संरक्षण दे रही है। आरोपी की गिरफ्तारी होने पर ही उन्होंने आमरण अनशन समाप्त करने की घोषणा की। महिलाओं ने सवाल उठाया-क्या यहां न्याय मिलना बंद हो गया है।
किच्छा के ग्राम अलीनगर निवासी इकराम की बीते आठ जनवरी को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कुछ दिन पहले हत्याकांड का खुलासा करने का दावा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद इकराम के परिजनों ने पुलिस पर हत्यांकाड का खुलासा पूरी तरह नहीं करने का आरोप लगाया। बुधवार को ग्रामीणों ने पहले कलक्ट्रेट में धरना दिया। इसके बाद एसएसपी कार्यालय पहुंच कर एसएसपी से मिले।
एसएसपी नीलेश आनंद भरणे से मिलने के बाद ग्रामीण भड़क गए। दोबारा वे कलक्ट्रेट पहुंचे और क्रमिक अनशन पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस हत्याकांड में फरार आरोपियों को पकड़ने में हीलाहवाली कर रही है। पुलिस गिरफ्तारी के संबंध में कोई आश्वासन नहीं दे रही है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को रिजवान अहमद, दिलबाग सिंह, रिजवान हुसैन, साबिर खान और शमीम बानो ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान बरी दयानंद, अलीनगर के प्रधान हाकिम अली, मोहम्मद रजा, इंतजार, अकबरी बेगम, गुड्डो, रिहाना, कलसूम, जैलून, शाहीन बेगम, शहनाज, रेशमा, गफूरन, सरीन आदि मौजूद थे।