रुद्रपुर। कृषि कानूनों को रद्द करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित किसानों का ज्ञापन लेने डीएम नहीं पहुंचीं। किसानों ने डीएम के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे एडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। इस दौरान किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एडीएम से नोकझोंक भी हुई। डीएम के न पहुंचने पर आक्रोशित किसानों ने ज्ञापन को फाड़ते हुए कलक्ट्रेट गेट पर धरना देते हुए नारेबाजी की।
सोमवार को कृषि कानूनों के विरोध में जिले भर के किसान और कांग्रेस नेता गांधी पार्क में एकत्रित हुए। जहां उन्होंने सभा कर सरकार पर कृषि कानूनों के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने व किसानों की जमीनें छीनने के लिए केंद्र सरकार ने नए कृषि कानून बनाए हैं। कृषि कानूनों के लागू होने से खेती में कारपोरेट दखल बढ़ जाएगा। उन्होंने सरकार पर किसानों को धान का भुगतान और एमएसपी न दिला पाने का आरोप लगाया। कृषि कानूनों के विरोध में 29 दिसंबर को रुद्रपुर में विशाल सभा का निर्णय लिया।
इसके बाद किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के लोग प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देने कलक्ट्रेट के लिए निकले लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। यहां पर एडीएम जगदीश कांडपाल किसानों का ज्ञापन लेने पहुंचे लेकिन किसान डीएम रंजना राजगुरु को ही ज्ञापन देने की बात अड़े रहे। किसानों की एडीएम से नोंकझोंक भी हुई। कुछ देर हंगामे के बाद किसानों को कलक्ट्रेट परिसर में प्रवेश की अनुमति मिल गई लेकिन डीएम के ज्ञापन लेने नहीं आने पर किसानों ने सरकार और डीएम के खिलाफ नारेबाजी कर ज्ञापन फाड़ दिया।
वहां पर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा, पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़, पूर्व विधायक नारायण पाल, सुरेश पपनेजा, भुवन कापड़ी, मीना शर्मा, नंदलाल, नारायण बिष्ट, हरीश पनेरु, कुलवंत सिंह, जसबीर सिंह, हरभजन सिंह, संजीव कुमार, विनोद कोरंगा, सुभाष बेहड़, हरेंद्र लाडी, वीरेंद्र सिंह, कुलविंदर सिंह किंदा, अरुण पांडेय, जगदीश तनेजा, संजीव चौधरी, जागीर सिंह, दीदार सिंह आदि थे।
ज्ञापन में किसानों की मांगें
1- कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए।
2-एमएसपी जारी रखने के लिए कानूनी गारंटी।
3- एमएसपी से कम पर फसल खरीदने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
4-एमएस स्वामीनाथन की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के रेट तय हों।
5- बाजपुर के किसानों की जमीनों पर खरीद और ट्रांसफर पर लगी पाबंदी हटाई जाए।
निजी कंपनी के सिम बंद करने की अपील
रुद्रपुर। गांधी पार्क में हुई सभा में किसानों ने कहा कि हरियाणा और पंजाब में करीब आठ लाख किसानों व अन्य लोगों ने एक निजी कंपनी के सिम बंद कर दिए हैं। उन्होंने जिले के किसानों के समर्थन में निजी कंपनी के सिम बंद करने और कंपनी के पंपों से पेट्रोल न भरवाने की अपील की। इसके साथ ही दिल्ली के गाजीपुर सीमा पर धरना दे रहे किसानों के लिए 500 कंबल भेजे गए।
नैनीताल हाईवे पर लगा जाम
रुद्रपुर। किसानों के जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट को रवाना होते समय नैनीताल हाईवे पर जाम लग गया। जिसको देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 31वीं वाहिनी पीएसी के पास से हाईवे को वन वे कर दिया था। सैकड़ों की संख्या में किसान पैदल चलने के साथ ही वाहनों में भी सवार रहे।
किसानों और सपाइयों ने फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला
बाजपुर। किसानों और सपा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को किसान विरोधी बताकर पुतला फूंका।
सोमवार को गांव बेरिया दौलत में क्षेत्र के किसान एकत्र हुए और मुख्य चौक पहुंचे। किसानों ने कृषि कानूनों का दिल्ली जाकर समर्थन करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। कहा कि पांडेय ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है।
वहां देवेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, हरदेव, हरदयाल सिंह, अर्जुन सिंह, अवतार सिंह, रंजीत सिंह, निशान सिंह आदि थे। इधर, सपा यूथ ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने बेरिया दौलत तिराहे पर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। वहां पर अमित कुमार, जितेंद्र विर्क, विशाल यादव, राहुल, शाकिर रजा, अकरम, शादिक, रिंकू, दीपक, मोईन, रिहान आदि थे।
लाडी की अगुवाई में भी हुआ प्रदर्शन
बाजपुर। किसान आंदोलन के समर्थन मेें समाजसेवी हरमिंदर सिंह लाडी की अगुवाई में क्षेत्र से भारी संख्या में किसान रुद्रपुर के लिए रवाना हुए। इससे पहले हाईवे दोराहा पर किसानों ने प्रदर्शन किया। लाडी ने कहा कि कृषि कानूनों से किसान आहत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेे किसानों से बातचीत कर समस्या का हल करने की पुरजोर मांग की।
किसान बेटियों का धरना जारी
बाजपुर। किसान आंदोलन के समर्थन में किसान बेटियों का धरना सोमवार को पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। धरने को कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य सुनीता टम्टा ने समर्थन किया। वहां प्रभजोत कौर, जसकिरन कौर, मनसीरत कौर, कर्मजीत कौर, सुखविंदर कौर आदि थे। संवाद
वकीलों ने भी किया कृषि कानून का विरोध
किच्छा। अरायजनवीसों और वकीलों ने किसानों के पक्ष में धरना देकर और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कृषि कानूनों का विरोध किया है। सोमवार दोपहर में बड़ी तादाद में वकील और अरायजनवीस उपनिबंधक कार्यालय के प्रांगण में धरने पर बैठ गए। अधिवक्ता जीवन जोशी ने कहा कि कृषि कानून से किसान को नुकसान होगा। वहां पर एके शर्मा, शकील अहमद, इमरान मलिक, सुखवीर सिंह, बीबी पांडेय, प्रगट सिंह, एससी जोशी, सुभाष चंद आदि थे।
कृषि सुधार कानून के विरोध में धरना
सितारगंज। अखिल भारतीय किसान सभा और अन्य संगठनों के किसानों ने सोमवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति में कृषि सुधार कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद किसानों ने एसडीएम मुक्ता मिश्र के माध्यम से पीएम को ज्ञापन भेजा। वहां जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह, कामरेड दर्शन सिंह, दयाशंकर, जगीर सिंह, जीवन सिंह, रूद्र सिंह, कश्मीर सिंह, गुरदीप सिंह, पवन सिंह, गुरनाम सिंह, प्रताप सिंह, हरबंश सिंह, चरनजीत सिंह, प्यारा सिंह, करमजीत सिंह आदि थे।
सितारगंज मंडी समिति में धरना देते किसान।- फोटो : SITARGANJ
बाजपुर दोराहा पर प्रदर्शन करते किसान।- फोटो : BAZPUR
रुद्रपुर कलक्ट्रेट परिसर में कृषि कानूनों का विरोध करते किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर कलक्ट्रेट गेट पर ज्ञापन फाड़ते किसान नेता।- फोटो : RUDRAPUR