आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए तो संबंधित कर्मचारियों के साथ ही विभागाध्यक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में प्रभारी डीएम ने कहा कि मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए जिले में 35 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को इन चौकियों के लिए 35 नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए।
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी अनिवार्य रुप से उपस्थित रहे। कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए तो संबंधित कर्मचारियों के साथ ही उनके विभागाध्यक्षों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होेंने नदियों के किनारे जिन लोगों के बाढ़ की जद में आने की संभावना है उन्हें शीघ्र ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश उपजिलाधिकारियों को दिए।
प्रभारी डीएम ने बाढ़ को लेकर जिले के सितारगंज, खटीमा, किच्छा एवं बाजपुर क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। जलभराव वाले क्षेत्रों में नावों की व्यवस्था की जाए ताकि आवाजाही सुचारु बनी रहे। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यक दवाइयों का स्टाक रखने के साथ ही सभी पुलिस एवं अधिकारियों की गाड़ियों में प्राथमिक उपचार के किट रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने बताया कि जनपद स्थित पुलिस चौकियों, थानों में बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।
बैठक में प्रभारी अधिकारी कलक्ट्रेट चन्द्र सिंह इमलाल, उपजिलाधिकारी एपी बाजपेयी, डीपी सिंह, अनिल शुक्ला, पूरन सिंह राणा, दयानन्द सरस्वती, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अनिल शर्मा, अपर सीएमओ एसएस दुग्ताल, जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार, ईई सिंचाई संजय राज, मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. नीता तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी पीके सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी अधिकारी उपस्थित थे।