सिडकुल स्थित आईसीआईसीआई बैंक एटीएम चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दिनेशपुर स्थित एक नदी से एटीएम बरामद कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल अन्य आठ आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है।
एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने खुलासा करते हुए बताया कि 23 जून की सुबह बदमाश एटीएम उखाड़कर ले गए थे। इसमें करीब 6.70 लाख रुपये थे। मामले के खुलासे को एएसपी टीडी वैला और सीओ रमेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की अलग-अलग टीमें गठित कर बदमाशों की तलाश में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के साथ ही यूपी में दबिश दी गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार रात पुलिस को सूचना मिली कि एटीएम चोरी में शामिल तीन बदमाश दूधिया मंदिर स्थित पप्पन की गाड़ी रिपेयरिंग गैरेज के पास खड़े हैं। सूचना पर थानाध्यक्ष पंतनगर विक्रम राठौर, एसओजी प्रभारी केपी टम्टा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उन्होंने सिडकुल स्थित आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम चोरी करने की बात कबूल करते हुए अपना नाम पहाड़गंज निवासी सगीर, पप्पन उर्फ सुहेल और नन्हें पुत्र माले खां बताया। बाद में तीनों की निशानदेही पर पुलिस ने काटकर चोरी की गई एटीएम मशीन और अन्य पुर्जे दिनेशपुर थाना क्षेत्र स्थित एक नदी के साथ ही अन्य स्थानों से बरामद कर लिए।
एसएसपी भरणे ने बताया कि पूछताछ में उन्होंने अपने अन्य साथियों के नाम राजस्थान के जिला भरतपुर के ग्राम जुरहरा निवासी गोविंद भिलाई, गोविंदा गडरिया और चंदू गडरिया, थाना रामगढ़ (राजस्थान) के ग्राम अलावढ़ा निवासी असलम उर्फ चिल्लू, फखरुद्दीन उर्फ फखरू, उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी संजय पंडित, आजमगढ़ निवासी मुकेश भारद्वाज और जिला बरेली थाना बहेड़ी के खेमपुर भोजपुर निवासी यूसुफ बताया। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार सगीर, पप्पन और नन्हें को जेल भेज दिया। एसएसपी भरणे ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार सगीर के खिलाफ धारा 457, 380 और 411 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि पप्पन और नन्हें पर चोरी की योजना बनाने और रुपये बांटने में शामिल होने के साथ ही आरोपियों की मदद करने की धारा 120बी के तहत नामजद किया गया है।