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तेल छिड़ककर आत्महत्या कर लूं, क्यों नहीं हो रहे काम?

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रुद्रपुर। मैं रो रहा हूं, बिलख रहा हूं और मजबूरी में धरने पर बैठना पड़ रहा है। अधिकारी सरकार का आइना होते हैं। अन्य विभागों में विकास कार्य हो रहे हैं लेकिन पीडब्लूडी के अधिकारी काम करने के लिए राजी नहीं है। अगर मेरी बात झूठी निकले तो इस्तीफा दे दूंगा। विधानसभा क्षेत्र में मंजूर सड़कों के कार्य नहीं होने से विधायक राजकुमार ठुकराल का दर्द छलक उठा।
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आवेश में आए विधायक ने खुद पर तेल छिड़कर आत्मदाह करने की धमकी दी तो अधिकारियों में खलबली मच गई। करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद विधायक ने एक हफ्ते में कार्य शुरू नहीं होने पर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी।
शुक्रवार दोपहर को विधायक ठुकराल कुछ कार्यकर्ताओं के साथ पीडब्लूडी कार्यालय पहुंचे और इंजीनियर मनोज दास के कार्यालय में धरने पर बैठ गए। उन्होंने चीफ इंजीनियर महिपाल रावत, इंजीनियर मनोज दास को क्षेत्र में दो साल पहले मंजूर हो चुकी सड़कों की सूची सौंपी। कहा कि दो साल पहले 40 कार्यों की टेंडर प्रक्रिया होने के बाद ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए थे। लेकिन अब तक सड़कों पर डामरीकरण नहीं हो सका है।
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अब बरसात शुरू होने वाली है, ऐसे में सड़क निर्माण के कार्य रुक जाएंगे। कहा कि कई सड़कों के स्टीमेंट लंबे समय से मांगते हुए सिर खपा चुका हूं। कब स्टीमेट शासन को जाएंगे, कब मंजूरी मिलेगी और कब काम शुरू हो पाएंगे। कहा कि जानबूझकर काम लटकाए जा रहे हैं। जब से इंजीनियर आए हैं, जीना हराम हो गया है। जब वे एक पैसा कमीशन नहीं लेते तो काम क्यों नहीं किए जा रहे हैं।
अधिकारियों को जगाने के लिए धरने पर बैठा हूं। विधायक की अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। विधायक ने इस दौरान अधिकारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई। सीनियर इंजीनियर महिपाल रावत ने बताया कि 34 सड़कों के प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन में भेजे गए हैं। मंजूर सड़कों के कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। वहां वीरेंद्र सिंह सामंती, राजेश ग्रोवर, बिट्टू शर्मा, आकाश सहित आदि थे।
दो सड़कें नगर निगम बनवा चुका है
रुद्रपुर। विधायक ठुकराल ने कहा कि दो साल पहले मंजूर हुई सड़कों में करतारपुर रोड और विम स्क्वायर कॉलोनी की सड़क भी शामिल थीं। लेकिन वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी सड़कों पर काम शुरू नहीं हो सका। इसके बाद नगर निगम की ओर से सड़कें बनाई गई हैं, जिसके बाद शासन से इन सड़कों को निरस्त कराना पड़ेगा। (संवाद)
विधायक की ओर से जिन सड़कों की सूची दी गई थी, उनके प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा जिन सड़कों के टेंडर हो चुके हैं, उनमें कार्य चल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते ठेकेदारों को श्रमिकों की कमी से जूझना पड़ रहा है। इस वजह से कार्य प्रभावित हो रहे हैं। - महिपाल रावत, सीनियर इंजीनियर, पीडब्लूडी।
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