गदरपुर। पाकिस्तान के ग्राम मिंट कुमारी में जन्मी हुकुमी देवी ने सौ साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। वर्ष 1947 में हुए बंटवारे के समय उनका परिवार गदरपुर के ग्राम महावीर नगर में आकर बस गया था। उनके निधन पर तमाम सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने परिवार को सांत्वना दी।
वर्ष 1947 में भारत पाक बंटवारे के दौरान स्व. खजान चंद अपनी पत्नी हुकुमी देवी और एक बेटे यशपाल वर्मा के साथ गदरपुर के ग्राम महावीर नगर में आकर बस गए थे। यहां आने के बाद उन्होंने एक और पुत्र धर्मपाल वर्मा को जन्म दिया था। सौ वसंत देख चुकी हुकुमी देवी का शुक्रवार को निधन हो गया। मोक्ष धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हुकमी देवी के पोते संदीप वर्मा ने बताया कि उनकी आत्मिक शांति के लिए रविवार को चौथा एवं रस्म पगड़ी श्री सनातन धर्म मंदिर में होगी।