नगर निगम बोर्ड में आवास विकास, मुख्य बाजार, गोल मार्केट समेत नौ स्थानों को ए श्रेणी में शामिल किया गया है। यहां से सर्वाधिक गृह कर वसूला जाएगा, जबकि ट्रांजिट कैंप, शिवनगर आदि स्थानों को डी श्रेणी में शामिल किया गया है।
उत्तराखंड में वर्ष 2015-16 से टैक्स वसूली का नया पैटर्न लागू होने के बाद रुद्रपुर नगर निगम में भी इसे लागू किया जा रहा है। अक्टूबर 2016 के बाद उत्तराखंड निगम नियमावली-2000, अनुकूलन एवं उपांतरण आदेश-2007 में संशोधन किया गया है। नगरीय क्षेत्र में स्वकर निर्धारण के लिए अब मकान स्वामी को अधिकार दिया गया है।
अब नगर निगम की टीम के बजाय गृह कर के लिए मकान स्वामी को अपने मकान के कारपेट एरिया दर प्रतिवर्ग फुट के स्वयं निर्धारण का अधिकार है। गृह कर जमा करने के लिए नगर निगम बोर्ड ने रुद्रपुर के नगरीय क्षेत्र को विभिन्न सुविधाओं के हिसाब से कई श्रेणियों में बांटा है। ए श्रेणी में आवास विकास, मुख्य बाजार, गोल मार्केट, इंडस्ट्रीयल एरिया, घास मंडी मेन रोड, सीर गोटिया मेन रोड, गल्ला मंडी को शामिल किया है।
ए-2 श्रेणी में गांधी कालोनी, आदर्श कालोनी, इंद्रा कालोनी, सुभाष कालोनी, दरिया नगर, सीर गोटिया बस्ती, रविंद्र नगर, घास मंडी को शामिल किया गया है। सी श्रेणी खेड़ा नया, सुभाष कालोनी, ट्रेनिंग सेंटर, नवोदय विद्यालय, भूत बंगला, ट्रांजिट कैंप, पहाडग़ंज, दूधिया नगर को शामिल किया है।
डी श्रेणी में खेड़ा पुराना, संजय नगर, भदईपुरा, रम्पुरा को शामिल किया है। जबकि डी-1 श्रेणी में शिव नगर को शामिल किया गया है। कर अधीक्षक महेश चंद्र पाठक ने कहा कि मकान स्वामी स्वकर निर्धारण को लेकर उत्साहित हैं। प्रतिदिन कई मकान स्वामी टैक्स जमा कर रहे हैं।