निगम परिक्षेत्र के अंदर बिना हाउस टैक्स दिए रह रहे लोगों ने हाउस टैक्स लगाने की मांग को लेकर नगर निगम के मुख्य गेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। जिससे 5 घंटा नगरनिगम के अंदर आवाजाही ठप रही। इस दौरान नगर निगम की सफाई गाड़ियां नहीं जा सकी। पार्षद और कांग्रेस नेताओं के भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद पहुंची एमएनए के आश्वासन बमुश्किल आंदोलनकारी शांत हुए।
नगर निगम परिक्षेत्र के अंदर कई लोग नजूल की भूमि में बसे हैं। शासनादेश के अनुसार नजूल की भूमि में निगम द्वारा हाउस टैक्स नहीं लगाया जा सकता है। वहीं मंगलवार को हाउस टैक्स लगाने की मांग को लेकर रुद्रपुर की विभिन्न बस्तियों से आए सैकड़ों लोगों ने नगर निगम कार्यालय में निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि वह 25 सालों से उक्त भूमि में काबिज हैं। लेकिन निगम प्रशासन उनके भवनों में हाउस टैक्स नहीं लगा रहा है।
हाउस टैक्स नहीं लगाए जाने से वे कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास योजना के तहत उनसे फार्म भी भराए गए। अब कहा जा रहा है कि बिना हाउस टैक्स के प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। लोगों ने आरोप लगाया कि जब हाउस टैक्स की रसीद जरूरी थी तो उनसे फार्म क्यों भरवाए गए। इसके बाद उन्होंने लोग निगम के मुख्य गेट में बैठ गए। वे मौके पर एमएनए को बुलाने की मांग करने लगे। इससे निगम की सफाई गाड़ियां अंदर बाहर नहीं जा सकी।
4 घंटे बाद भी जब एमएनए नहीं पहुंची तो कांग्रेस नेता सुशील गाबा, कालीचरण और परवेज कुरैशी ने भूख हड़ताल करने की चेतावनी दे डाली। चेतावनी के आधे घंटे बाद एमएनए दीप्ति वैश्य मौके पर पहुंची उन्होंने शासनादेश का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से होने जा रही वीडिओं कांफ्रेंसिंग में यह बात उठाने की बात कही। तब लोग शांत हुए। इस दौरान राजपाल, जगदीश तनेजा, इस्लाम, पुरूषोत्तम, वाजिद खान, अंकुर, असगर अली, शकुंतला, निशा, रूबी आदि मौजूद रहे।