मुख्य चौराहे के पास व्यापार मंडल अध्यक्ष व दो अन्य व्यापारियों की दुकानों में हुई चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर बदमाश समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को खटीमा कोतवाली में चोरियों की घटना का खुलासा करते हुए सीओ नीरज सेमवाल ने बताया कि 18 मई की रात व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नितिन बत्रा और संजय बत्रा की दुकानों में सेंधमारी कर चोरी की गई थी।
खुलासे के लिए गठित टीमों ने दबिश के दौरान यूपी के न्यूरिया, बरखेड़ा, पीलीभीत, बदायू और जयपुर क्षेत्रों में लगभग 250-300 सीसी टीवी फुटेज का अवलोकन किया। सीओ ने बताया कि फुटेज में घटना की रात 20-22 साल के दो संदिग्ध रेलवे स्टेशन खटीमा की ओर से घटनास्थल को आते हुए दिखाई दिए थे। संदिग्ध युवक दुकानों की छतों में चढ़ते व उतरते हुए दिखाई दिए। दबिश के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी चोरों की सुरागकसी की गई।
11 मुकदमे दर्ज
शुक्रवार की रात खटीमा मंडी के पीछे रेलवे पटरी के किनारे से दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम न्यूरिया हुसैनपुर, पीलीभीत,यूपी निवासी जैनुल आवेदीन और बरखेड़ा, बीसलपुर, पीलीभीत निवासी प्रवेश सक्सेना बताया। उनके पास से तीन लाख, 29 हजार, 700 रुपये नकद, 20 हजार रुपये का मोबाइल, चार ब्लैंक चैक और आलानकब बरामद हुए। शेष रकम उन्होंने ऑनलाइन गेम में हारने, नशे और घूमने-फिरने में खर्च करने की बात बताई।
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सीओ ने बताया कि अभियुक्त जैनुल आवेदीन न्यूरिया थाने का ए श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है। उसके विरुद्ध न्यूरिया, सुनगढ़ी और खटीमा में चोरी, आर्म्स एक्ट आदि के 11 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि प्रवेश सक्सेना के विरुद्ध खटीमा में तीन मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस टीम में कोतवाल विजेंद्र शाह, एसएसआई केसी आर्या, एसआई अशोक कांडपाल, जीवन चुफाल, भपेंद्र रंसवाल, विजय सिंह, मोहन बोरा, मो. इशाक, ललित सिंह, कमल पाल, मोहसिन, भूपेंद्र आर्या आदि थे।