शारदा नहर में हिमांशु की तलाश करते एसडीएआरएफ की टीम।
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झनकईया स्थित शारदा नहर में छलांग लगाने वाले हिमांशु शर्मा का पांचवें दिन शुक्रवार को भी पता नहीं लगा। सुबह से शाम तक नहर में पानी की सप्लाई बंद की गई। नैनीताल से पहुंची एसडीआरएफ, जल पुलिस, स्थानीय पुलिस के साथ ही स्थानीय गोताखोरों ने तलाश की। दिनभर की मेहनत के बाद भी हिमांशु का कोई सुराग नहीं मिल सका।
बता दें कि राजीवनगर निवासी पूर्व प्रधानाचार्य विनीता शर्मा और पूर्व पशुधन अधिकारी श्याम सुंदर शर्मा के छोटे बेटे हिमांशु शर्मा (32) ने 11 मार्च (सोमवार) की रात करीब आठ बजे झनकईया स्थित शारदा नहर में छलांग लगा दी थी। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि होने के बाद से ही हिमांशु की तलाश की जा रही है। नहर में पानी का बहाव तेज होने पर जल पुलिस और स्थानीय गोताखोर हिमांशु की तलाश नहीं पाए। दो दिन बाद 13 मार्च को दो घंटे के लिए नहर में पानी की सप्लाई बंद कराई गई थी।
बृहस्पतिवार देर शाम पांच सदस्यीय एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने के साथ ही एसडीएम निर्मला बिष्ट और सीओ कमला बिष्ट ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर शुक्रवार सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक के लिए नहर बंद कराई।
दोनों अधिकारियों की मौजूदगी में एसडीआरएफ, जल पुलिस, स्थानीय पुलिस के साथ ही आसपास के लोग नाव लेकर नहर में उतरे। स्थानीय गोताखोर पूरे दिन हिमांशु की तलाश करते रहे। आज के बाद हिमांशु की तलाश लगभग नगण्य हो गई है। बावजूद इसके पुलिस को नहर में निगरानी रखने को कहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और परिजनों की ओर से यूपी क्षेत्र के लोगों से भी हिमांशु के बारे में पता चलने पर जानकारी देने का आग्रह किया है।
शारदा नहर में दिखे दो मगरमच्छ
खटीमा। शारदा नहर में हिमांशु शर्मा की तलाश में जुटी एसडीआरएफ की टीम के सामने अचानक दो मगरमच्छ आ गए। मगरमच्छों को देेखते ही टीम ने लोहे के सरिया निकाल लिए और पानी में पतवार मारकर मगरमच्छों को दूर भगाया।