नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय के दौरे को पर्यटन को बढ़ावा और दोनों देशों के बीच मैत्री संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओली इशारों में ही कह गए कि हिमालयी क्षेत्र पर्यटन हब बन सकता है। नेपाल और उत्तराखंड में इसकी अपार संभावनाएं हैं।
ओली ने अपने संबोधन में कहा कि नेपाल और उत्तराखंड के पर्यटन, उद्योग, कृषि और भौगोलिक स्थितियोें में काफी समानताएं हैं। नेपाल और भारत के पास काफी समृद्ध धरोहर है। नेपाल और उत्तराखंड ईश्वर की धरती है। इसके चलते ही उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। नेपाल और उत्तराखंड की संस्कृतियां एक हैं। दोनों की सीमाएं आपस में मिलती हैं। हिमालयी क्षेत्र को पर्यटन हब बनाया जा सकता है। धार्मिक सर्किट बनने पर पर्यटन की अपार संभावनाएं बनेंगी।
उन्होंने कहा कि नेपाल में कामाख्या देवी और पशुपति नाथ जैसी धार्मिक स्थल हैं तो उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री के अलावा मां पूर्णागिरी देवी का धाम है। नेपाल और उत्तराखंड मिलकर पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्यटन को बढ़ावा देने के क्रम में कह दिया कि काठमांडू से देहरादून तक के लिए हवाई सेवा शुरू होने से बहुत लाभ होगा। पर्यटक उत्तराखंड और नेपाल की संस्कृति देखने के साथ ही पर्यटन स्थलों का भी लुत्फ उठा सकेंगे।
कृषि को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक भेजेगा नेपाल
रुद्रपुर/हल्द्वानी। नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने कृषि के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है। नेपाल में भी दो तिहाई आबादी कृषि पर निर्भर है। नेपाल अपने कृषि वैज्ञानिकों को पंतनगर विश्वविद्यालय भेजेगा। वैज्ञानिक यहां आने के बाद कृषि के क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों की जानकारी और नए शोध कर सकेंगे और इसका लाभ नेपाल को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमालय में होने वाली वनस्पतियों पर नेपाल और उत्तराखंड में शोध होना चाहिए। शोध से पता चल सकेगा कि कौन सी वनस्पति हर्बल और कौन सी जहरीली है।
राज्यपाल और सीएम ने रोटी-बेटी के रिश्ते को और मजबूत करने की वकालत की
रुद्रपुर। पंतनगर विश्वविद्यालय में हुए विशेष दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डॉ. केके पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नेपाल के साथ उत्तराखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक समानताओं भावनात्मक ढंग से जिक्र किया। उन्होंने रोटी-बेटी के रिश्ते को मजबूर करने की पैरवी की।
गांधी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल डॉ. पाल ने कहा कि नेपाल के साथ उत्तराखंड का व्यक्ति से व्यक्ति का संबंध बेहद पुराना है। दोनों की एक जैसी चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सकता है। विभिन्न फसलों, सब्जियों और फूलों के बीज उत्पादन तकनीकों के मानकीकरण, कृषि के क्षेत्रों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, समन्वित खेती, पशुपालन, मौनपालन, फलों के जीनोटाइप का आदान-प्रदान आदि पर सामंजस्य से काम हो सकता है।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय को देश स्तर पर दो बार और उत्तराखंड स्तर पर लगातार तीन बार सर्वोत्तम विश्वविद्यालय के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। विश्वविद्यालय में होने वाले कृषि मेले में नेपाल के किसान भी बीजों और तकनीकों की जानकारी लेने आते हैं। कृषि के क्षेत्र में विकसित उन्नत तकनीकों को ध्यान में रखते हुए नेपाल और भारत के बीच कृषि सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं को तलाशने और संचार सुविधाएं बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। कुल मिलाकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने कृषि सहित तमाम क्षेत्रों का जिक्र करते हुए नेपाल से रिश्तों को और प्रगाढ़ करने पर जोर दिया।
उद्योग विकास को कदमताल करेगा नेपाल
हल्द्वानी। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि नेपाल सरकार औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देगी। छोटे से लेकर बड़े सभी उद्योग लगाए जाएंगे। समृद्धि और खुश नेपाली की परिकल्पना पर नेपाल की सरकार का उद्देश्य है। नेपाल में छोटे, मझोले और बड़े उद्योग लगाए जाएंगे। उद्योगों के माध्यम से ट्रेड असंतुलन को संतुलित करने का प्रयास किया जाएगा।
अभेद था सुरक्षा दुर्ग
हल्द्वानी/रुद्रपुर। नेपाल के प्रधानमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के लिए स्वागत से लेकर सुरक्षा तक के मजबूत इंतजाम किए गए थे। प्रधानमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में कोई कमी नहीं रखी गई। सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक व्यक्ति का पास चेक करने के साथ ही फोटो का भी मिलान किया गया। सुरक्षा चक्र के दूसरे घेरे में बैग से लेकर लोगों की जेब तक चेक की गई। गांधी सभागार में मोबाइल न प्रयोग करने की भी हिदायत दी गई थी। प्रधानमंत्री और प्रतिनिधिमंडल का काफिला जैसे ही वापसी के लिए निकला पूरा ट्रैफिक रोक दिया गया था। प्रधानमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के हवाई जहाज के उड़ाने भरने के बाद ही ट्रैफिक खोला गया।
नेपाल के राष्ट्रगान की धुन से समारोह की शुरुआत
रुद्रपुर। पंतनगर विश्वविद्यालय के गांधी हॉल में आयोजित विशेष दीक्षांत समारोह की शुरुआत नेपाल के राष्ट्रगान ‘सयौं थुंगा फुलका हामी एउटै माला नेपाली...’ की धुन, फिर भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन अधिनायक जय हे’ और फिर पंतनगर विश्वविद्यालय के गीत ‘जय हो नवयुग निधि की जय हो...’ की धुन के साथ की गई। इनके बाद अतिथियों का संबोधन हुआ। कार्यक्रम का समापन भी नेपाल के राष्ट्रगान और भारत के राष्ट्रगान की धुन के साथ ही हुआ।
पारंपरिक छोलिया नृत्य से हुआ स्वागत
पंतनगर। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, पत्नी राधिका शाक्य और 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली के पालम हवाई अड्डे से प्रस्थान कर 11:45 बजे पंतनगर हवाई अड्डे पर पहुंचे। राज्यपाल डॉ. केके पाल, उनकी पत्नी ओमिता पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कृषि मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल, सांसद भगत सिंह कोश्यारी, विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छों से उनकी अगुवानी की। हवाई अड्डे पर कुमाऊंनी परिधान में सजी बालिकाओं ने उनको तिलक लगाया। ओखलकांडा से आए 12 सदस्यीय कलाकारों ने छोलिया नृत्य के साथ नेपाली नृत्य की प्रस्तुति दी। मशकबीन, ढोल, दमाऊ, हुड़का, रणसिंघा के साथ ही लकड़ी की तलवार और ढाल थामे कलाकारों ने सुंदर प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री ओली को सूचना उपनिदेशक योगेश मिश्रा ने पारंपरिक छोलिया नृत्य के बारे में जानकारी दी। इससे पूर्व विश्वविद्यालय के शताब्दी द्वार पर नेपाल और भारत के झंडे थामे खड़े विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने अतिथियों का स्वागत किया।
पंतनगर विश्वविद्यालय से था डॉ. बोर्लोक को लगाव
रुद्रपुर। विश्व में हरित क्रांति के प्रणेता और नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. नार्मन बोर्लोक का पंतनगर विश्वविद्यालय से गहरा लगाव रहा था। विशेष दीक्षांत समारोह के शुरू होने से पूर्व मंच से विश्वविद्यालय के कृषि संचार विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कश्यप ने लोगों को अहम जानकारियां दीं। बताया कि बोर्लोक को विश्वविद्यालय से काफी लगाव था। वे जब भी किसी बैठक के सिलसिले में दिल्ली आते थे तो उसके बाद बिना तय कार्यक्रम के सीधे विश्वविद्यालय पहुंच जाते थे। इस वजह से फसल अनुसंधान केंद्र को डॉ. बोर्लोक के नाम समर्पित किया गया है।
नेपाल के प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा पर डाला प्रकाश
रुद्रपुर। विशेष दीक्षांत समारोह में दोनों देशों के राष्ट्रगान की धुन के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के जीवन के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्ष 1952 में जन्मे केपी शर्मा ने 1969 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल की सदस्यता ग्रहण की थी। 1970 में वे जेल भी गए थे। कम्युनिस्ट पार्टी के चेयरमैन सहित अन्य पदों पर रहने के बाद वे नेपाल के प्रधानमंत्री बने।
नेपाल के पीएम पंतनगर में, कब क्या हुआ
11:45 बजे : प्रधानमंत्री और प्रतिनिधिमंडल पंतनगर हवाई अड्डे पहुंचा।
11:53 बजे : तराई भवन के लिए रवाना हुआ।
12 से 1 बजे : तराई भवन, बीज प्रजनन केंद्र का भ्रमण।
12:42 बजे : गांधी हॉल में सांसद कोश्यारी और विधायक शुक्ला पहुंचे।
1:07 बजे : नेपाल के पीएम, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, कुलपति आदि हॉल पहुंचे।
1:08 से 1:11 बजे : दोनों देशों की राष्ट्रगान और विश्वविद्यालय गीत की धुन।
1:20 से 1:34 बजे : प्रधानमंत्री ओली का संबोधन।
1:36 से 1:40 बजे : मुख्यमंत्री रावत का संबोधन।
1:41 से 1:46 बजे : राज्यपाल पॉल का संबोधन।
02 बजे : गांधी हॉल से मुख्य अतिथि निकले और भोजन किया।
3:45 बजे : पंतनगर हवाई अड्डे से विमान से प्रस्थान।