अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए इस साल आठ नवंबर को होने वाले चुनाव में उत्तराखंड के ग्रीन कार्ड होल्डर्स डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को बहुमत दिलाने के लिए दिलेरी से सपोर्ट कर रहे हैं। महिलाओं को बराबरी का दर्जा, समान वेतन, रोजगार, सुरक्षा और सम्मान दिलाने का वादा कर हिलेरी जहां भारतवंशियों की पहली पसंद बन गई हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकियों व गैरअमेरिकियों के बीच पक्षपाती रुख के कारण भारतीय मूल के लोगों की बेरुखी का सामना कर रहे हैं।
विशुद्ध रूप से उद्यमी डोनाल्ड ट्रंप को राजनीतिक अनुभव कम है, जबकि भारत समेत कई देशों की यात्रा कर चुकीं हिलेरी के पास विदेश नीति का भी अच्छा अनुभव है। डोनाल्ड ट्रंप के महिला विरोधी बयानों से तमाम महिला संगठन डोनाल्ड के विरोध और हिलेरी के पक्ष में खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड मूल के अमेरिकी नागरिकों की बातचीत से लगा कि भारतीय मूल के लोगों के वोट हिलेरी क्लिंटन को ही मिलेंगे। बता दें कि अमेरिका में करीब 31 लाख भारतवंशी रहते हैं, जिनमें करीब 50 हजार उत्तराखंड मूल के लोग हैं। दस लाख भारतीय वोटर्स हैं। आइए जानते हैं इस चुनाव पर उत्तराखंड मूल के अमेरिकी लोगों की राय-
हिलेरी हारी तो पूरी दुनिया को क्षति पहुंचेगी
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद अशोक ओझा का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में जनता दो भागों में विभाजित हो गई है। दक्षिणपंथी समाज को लगता है कि ओबामा के शासन में अमेरिका का दुनिया में प्रभुतत्व कम हो गया है, जिससे एक वर्ग डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में आ गया है। विश्व शांति पसंद उदारवादी वर्ग खुलकर हिलेरी क्लिंटन के समर्थन में खड़ा है। ओबामा को सत्ता में लाने वाले हिलेरी को जिताएंगे। वहीं, प्रगतिशील वर्ग आशंकित है कि हिलेरी हारी तो पूरी दुनिया को क्षति पहुंचेगी।
हिलेरी के राष्ट्रपति बनने की प्रबल संभावना
उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका के सचिव रानीखेत मूल के अमेरिकी नागरिक न्यूयॉर्क निवासी अमित पांडेय का कहना है कि हिलेरी क्लिंटन के पहली महिला राष्ट्रपति बनने की प्रबल संभावना है। डोनाल्ड ट्रंप चुनाव में करारी हार का सामना करेंगे। सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि भारी तादाद में अमेरिकन लोग भी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ वोट करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप सिर्फ नफरत का माहौल पैदा करके इस मुकाम तक आगे बढ़े हैं।
ट्रंप राष्ट्रपति के लिए योग्य नहीं
मूलत: देहरादून के रहने वाले न्यूयॉर्क के अमेरिकी नागरिक आईटी विशेषज्ञ विजय शर्मा का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप का 'नो-इट ऑल' रवैया राष्ट्रपति पद के लिए योग्य नहीं है। अमेरिका के सबसे बड़े ऐल्ली यूके में ट्रंप की एंट्री पर बैन इसका उदाहरण है। उनके पक्षपाती रुख से उनका 2016 के चुनाव में बहुमत हासिल करना नामुमकिन सा लगता है।
हिलेरी को राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं उत्तराखंडी
मूलरूप से अल्मोड़ा निवासी 20 सालों से न्यू जर्सी में रह रही मोंटगोमेरी हिंदी स्कूल पाठयक्रम संचालिका एवं अध्यापिका ममता त्रिपाठी मानती हैं कि रिपब्लिकन पार्टी में नेतृत्व की कमी के कारण कोई विकल्प नहीं था। डोनाल्ड ट्रंप घोर जातिवादी हैं और महिलाओं का भी बिल्कुल सम्मान नहीं करते। खुद रिपब्लिकन पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप के नामांकन को लेकर भारी विभाजन है। अमेरिका में बसे उत्तराखंड मूल के ज्यादातर लोग हिलेरी को राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं।