जयमल हत्याकांड के मामले की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक में होगी। हाईकोर्ट ने एडीजे को चार से छह माह के भीतर हत्याकांड की सुनवाई कर केस के निस्तारण के आदेश दिए हैं।
17 जुलाई 2015 को जमीनी विवाद में जनता फार्म निवासी जयमल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में पुलिस ने 17 हत्यारोपियों में से 14 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि तीन हत्यारोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सभी हत्यारोपी जमानत पर छूट आए थे।
सात जनवरी 2018 को जयमल हत्याकांड के गवाह दलजीत सिंह उर्फ सोनू और बीचबचाव को आए बिज्टी गांव निवासी हरबंश सिंह की सरेबाजार हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने जयमल हत्याकांड के हत्यारोपी हरजीत सिंह काला और प्रभजोत सिंह समेत छह हत्यारोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था। एसएसपी ने फरवरी में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 12 हत्यारोपियों की जमानत निरस्त करने का आग्रह किया था।
वहीं, जयमल हत्याकांड में फरार चल रहे तीन हत्योरापी जगतार सिंह, जोगा सिंह और टहल सिंह की तलाश शुरू कर दी। फरार तीनों हत्यारोपियों ने पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए 19 अप्रैल को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जो अभी भी जेल में बंद हैं।
शुक्रवार को कोतवाल संजय कुमार ने बताया कि जयमल हत्याकांड के मामले में जल्द सुनवाई के लिए गत 25 सितंबर को हाईकोर्ट ने फास्ट ट्रैक के एडीजे को चार से छह माह में सुनवाई कर निस्तारण के आदेश दिए हैं। इसके अलावा जमानत पर रिहा रंजीत सिंह, सुरजीत सिंह, मनजीत सिंह, मनवीर सिंह, लखवीर सिंह, गुरदेव सिंह, तेजविंदर सिंह उर्फ बिट्टू व हरपाल सिंह को प्रतिदिन कोतवाली में पेश होने का आदेश जारी किया है।
हरपाल जमानत के बाद चला गया विदेश
सितारगंज। जयमल हत्याकांड का एक हत्यारोपी दड़हाफार्म निवासी हरपाल सिंह 20 फरवरी 2016 को हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ था। इसी साल हरपाल विदेश चला गया, जिसके बाद से वह नहीं लौटा।