फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उम्रकैद में दोषी युवक को हाईकोर्ट ने माना निर्दोष, बरी

विज्ञापन
जेल से रिहा पूरन सिंह। - फोटो : SITARGANJ
विज्ञापन
सितारगंज। पुजारी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे अल्मोड़ा जिले का युवक हाईकोर्ट से बरी हो गया। अदालत से दोषमुक्त होने का आदेश आने के बाद युवक को जेल से रिहा कर दिया गया। युवक ने सात साल छह महीने जेल में बिताए।
विज्ञापन

ग्राम काना पोस्ट झांकरसेन जिला अल्मोड़ा निवासी पूरन सिंह (35) पुत्र स्व. हर्ष सिंह उर्फ हरि सिंह को जिला एवं सत्र न्यायालय अल्मोड़ा ने अगस्त 2007 में गांव के पुजारी गंगा दत्त की हत्या के मामले में दोषी मानते हुए 15 फरवरी 2012 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इससे पहले पूरन 2007 में हत्या के आरोप में जेल गया और डेढ़ महीने तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हो गया था। वर्ष 2012 में जब उम्रकैद की सजा हुई तो उसके बाद 15 दिन अल्मोड़ा जेल में रहा और फिर हरिद्वार जेल भेज दिया गया। जून 2017 में हरिद्वार जेल से उसे ऊधम सिंह नगर जिले की सितारगंज सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
जेल प्रशासन के अनुसार वर्ष 2014 में पूरन ने जेल से हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने उसकी अपील को स्वीकार कर सुनवाई की। पूरन की तरफ से सरकारी अधिवक्ता ने पैरवी की। बीते 29 जुलाई को हाईकोर्ट ने पूरन को मामले में निर्दोष मानकर दोषमुक्त कर दिया और जिला एवं सत्र न्यायालय अल्मोड़ा को उसकी रिहाई के आदेश दिए। 30 जुलाई को जिला जज ने सेंट्रल जेल को पूरन की रिहाई का आदेश भेजा।
विज्ञापन

संपूर्णानंद शिविर एवं सेंट्रल जेल के जेलर जयंत पांगती ने बताया कि बृहस्पतिवार को पूरन सिंह को रिहा करते हुए उसके मेहनताने के 4651 रुपये दिए गए। सात साल छह महीने की सजा काटने के बाद रिहाई मिलने पर पूरन की आंखें खुशी से डबडबा गईं। पूरन ने बताया कि वह अब अपने परिवार की खुशी के लिए खूब मेहनत करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें