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Uttarakhand News: किच्छा नहीं...अब सितारगंज में होगा हाईटेक जेल का निर्माण, DPR बनाएगा पेयजल निर्माण निगम

Sat, 26 Oct 2024 11:52 AM IST
हीरा मेहरा चंदन बंगारी, अमर उजाला

सार

ऊधमसिंह नगर में सिर्फ सितारगंज में केंद्रीय कारागार है। एक साल पहले किच्छा में रोके गए हाईटेक जेल का निर्माण अब सितारगंज में जेल विभाग की जमीन पर होगा। जेल के लिए जमीन चिह्नित कर फाइनल करने में एक साल का समय लग गया।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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एक साल पहले किच्छा में रोके गए हाईटेक जेल का निर्माण अब सितारगंज में जेल विभाग की जमीन पर होगा। जेल के लिए जमीन चिह्नित कर फाइनल करने में एक साल का समय लग गया। जेल निर्माण की पहले चरण की डीपीआर के लिए पेयजल निर्माण निगम को नामित किया गया है।

दरअसल ऊधमसिंहनगर में सिर्फ सितारगंज में केंद्रीय कारागार है। दूसरी कोई जेल नहीं होने की वजह से गिरफ्तार अपराधी हल्द्वानी जेल भेजे जाते हैं। हल्द्वानी जेल में क्षमता से अधिक कैदी होने की वजह से शासन ने ऊधमसिंह नगर में 2580 कैदियों के लिए हाईटेक बनाने का निर्णय लिया था।

इसके लिए किच्छा के रजपुरा में 40 एकड़ जमीन चिह्नित की गई। 26 जुलाई 2021 को हाईटेक जेल का निर्माण शुरू किया गया था। पहले चरण में 48 करोड़ की लागत से 480 कैदियों के लिए जेल का निर्माण किया जा रहा था। इसमें पुरुष कैदियों के लिए तीन, महिला कैदियों के लिए एक और एक वयस्क बैरक बननी थी। इसके अलावा 30 बैड का अस्पताल, टावर, वाटर टैंक सहित अन्य निर्माण किए जाने थे।

बीते सितंबर में अचानक जेल निर्माण का काम रोक दिया था। पहले चरण का काम रोके जाने तक 29 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे और डबल स्टोरी के कॉलम खड़े हो गए थे। कई दिनों तक संशय रहने के बाद शासन ने जिला प्रशासन को दूसरी जगहों पर जेल निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन ने किच्छा के धाधा फार्म में जमीन देखी लेकिन जेल विभाग ने सुरक्षा वजहों से जमीन उपयुक्त नहीं पाई थी। इसके बाद सितारगंज में जेल विभाग की खाली पड़ी जमीन पर जेल निर्माण का निर्णय लिया गया है।

जमीन को सिडकुल को देने की थी चर्चा

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सितारगंज में जेल विभाग की खाली पड़ी जमीन को सिडकुल को देने की चर्चाएं थीं। बताया जा रहा है कि यह मामला अदालत तक भी पहुंचा। कोर्ट ने जेल विभाग की जमीन किसी दूसरे विभाग को ट्रांसफर करने पर रोक लगाई थी। इसके चलते खाली पड़ी जमीन पर जेल निर्माण का निर्णय लिया गया है। गृह सचिव ने डीपीआर के बाबत निर्देश दिए हैं।

किच्छा में काम क्यों रुकवाया पता नहीं
हाईटेक जेल के लिए चिह्नित की गई जमीन का प्रशासनिक अफसरों के साथ ही डीपीआर बनाने वाली कार्यदायी संस्था ने भी निरीक्षण कर लिया है। जल्द आईजी जेल निरीक्षण करने आएंगे। बताया जा रहा है कि जेल निर्माण में हो रही देरी के चलते अब तेजी से इस दिशा में कार्यवाही की जाएगी। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि किच्छा में एक साल पहले हाईटेक जेल का निर्माण आधे में क्यों रुकवा दिया गया था। वर्तमान में भी वहां पर स्थिति जस की तस ही है। ब्यूरो

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सितारगंज में चोरगलिया रोड पर सिडकुल से लगी जेल विभाग की जमीन पर जेल निर्माण प्रस्तावित किया गया है। पहले चरण की डीपीआर का जिम्मा उनको दिया गया है। उनके सर्वेयर ने सितारगंज प्रशासन के साथ जमीन का सर्वे कर लिया है। जेल विभाग की करीब 52 एकड़ जमीन है।
- नरेंद्र नवानी, प्राेजेक्ट मैनेजर, पेयजल निर्माण निगम।

 

सितारगंज में जेल विभाग की जमीन को जेल निर्माण के लिए चयनित किया गया है। पेयजल निर्माण निगम इसकी डीपीआर बनाएगा। डीपीआर की मंजूरी के बाद निर्माण कार्य होगा।

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- उदयराज सिंह, डीएम
 

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