काशीपुर। प्रदेश की सभी आठ चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र खत्म हो गया है। लेकिन इस बार चीनी का उत्पादन कम रह गया। गन्ना शोध संस्थान के अनुसार सबसे पहले जसपुर की नादेही चीनी मिल में गन्ने का पेराई सत्र खत्म हुआ था जबकि मंगलौर हरिद्वार की उत्तम शुगर मिल में अंत तक गन्ने की पेराई होती रही। यहां दो दिन पहले पेराई सत्र खत्म हुआ।
पिछले साल प्रदेश में कुल 484.06 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके 48.76 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया था जबकि इस बार सभी मिलों में 30.8 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके 30.73 लाख क्विंटल चीनी का ही उत्पादन हो सका।
संस्थान से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि पिछले साल हुई भारी बारिश की वजह से गन्ने की फसल का ज्यादा नुकसान हुआ जिसकी वजह से गन्ने का उत्पादन करीब 30 फीसदी तक कम हुआ। इस वजह से चीनी का उत्पादन भी कम हुआ। साथ ही गन्ने में लगी रेड रोट बीमारी ने भी चीनी के उत्पादन को प्रभावित किया।
कोट
पिछले साल हुई बारिश की वजह से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की फसल पर ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था। जिस वजह से चीनी का उत्पादन कम हुआ था। किसानों को इस बार रेड रोट बीमारी के चपेट में आने वाले बीज को बदलकर दूसरी वेरायटी का गन्ना बीज बोने के लिए सलाह दी जा रही है। - निलेश कुमार, सहायक आयुक्त, गन्ना एवं शोध संस्थान