फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udham Singh Nagar News: खटीमा में लगातार बारिश से उफनाया ऐंठा नाला

Tue, 02 Sep 2025 01:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सितारगंज मार्ग, पीलीभीत मार्ग समेत कई कालोनियां हुई जलमग्न, सोमवार को साल की सबसे अधिक 181 मिमी वर्षा रिकॉर्ड
विज्ञापन

खटीमा। खटीमा में सोमवार को लगातार दूसरे दिन मूसलाधार बारिश से ऐंठा नाला उफना गया। ऐंठा नाले का पानी मेलाघाट मार्ग पर पहुंचने से राहगीरों को काफी असुविधा हुई। इसके अलावा सितारगंज मार्ग, पीलभीत मार्ग, अमाऊं समेत शहर की विभिन्न कालोनियों के कई घरों में पानी घुस गया। कंजाबाग तिराहे और सितारगंज मार्ग की कई दुकानों में भी पानी घुस गया। सोमवार को खटीमा में इस साल की सबसे अधिक 181 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
खटीमा में सोमवार तड़के से बारिश शुरू हो गई थी। करीब तीन घंटे मुसलाधार बारिश होने के बाद दिनभर हल्की बारिश जारी रही। बारिश के चलते कंजाबाग तिराहे से लेकर ब्लॉक कार्यालय गेट के पास समेत सितारगंज मार्ग की कई दुकानों में पानी घुस गया। इसके अलावा पीलीभीत मार्ग से मुख्य चौराहे से शारदा विहार कालोनी तक सड़कें जलमग्न रहीं। मेलाघाट मार्ग पर भी जलभराव की समस्या रही। राजीव नगर क्षेत्र में सिचाई नहर के ओवर फ्लो होने से पानी पूर्वांचल कालोनी में घुस गया। अमाऊं, आदर्श कालोनी, हिल व्यू कालोनी, ओम कालोनी, बीइओ कार्यालय परिसर आदि जगह जलभराव की समस्या रही। मौसम वेधशाला के प्रभारी नरेंद्र रौतेला ने बताया कि मंगलवार को भी बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन


खेतलसंडा खाम में परिवारों को राहित शिविर में पहुंचाया
खटीमा। खेतलसंडा खाम क्षेत्र में जलभराव के चलते रविवार देर शाम से ही कई प्रभावित प्रभावित परिवारों को प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर राजकीय प्राथमिक स्कूल खेतलसंडा खाम में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया। जहां उनके लिए भोजने और ठहरने की व्यवस्था की गई। सोमवार को भी कुछ प्रभावित प्रभावित परिवारों को राहत शिविर में रखा गया। तहसीलदार वीरेंद्र सजवाण ने बताया कि कुल 69 लोगों को राहत शिविर में रखा गया है। उन्होंने बताया कि रविवार शाम को 43 और सोमवार को 26 लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविर में पहुंचाया गया। संवाद

सितारगंज की सड़कों पर तीन-तीन फुट तक भरा पानी
सितारगंज। रविवार रात से लगातार हो रही बारिश से शहर के चौक-चौराहे सहित विभिन्न सड़कें जलमग्न हो गई। सड़कों पर तीन-तीन फुट तक पानी भर गया। सोमवार को एमपी चौक, बिज्टी चौक, किच्छा बाईपास, जेलकैंप रोड, सिविल न्यायालय परिसर सहित कई वार्डों की गलियों में जल भराव हो गया। कहीं-कहीं तो बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों में भी घुस गया। जेल कैंप रोड पर काफी ज्यादा पानी का भराव होने से लोगों के लिए यहां से निकलना तक मुश्किल हो गया। पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह ने ईओ प्रतिभा कोहली और सभासदों के साथ नगर का भ्रमण कर जगह-जगह हुए जलभराव का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से जाम हुए नालों को खुलवाया और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराई। वहां पर सभासद चंदन श्रीवास्तव, रवि रस्तोगी, दीपक गुप्ता, अविनाश वाल्मीकि, सत्येंद्र दिवाकर सहित आदि उपस्थित रहे। संवाद
एसडीएम और तहसीलदार ने भी किया दौरा

एसडीएम रविंद्र जुवांठा और तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा किया। यहां उन्होंने नदी के बढ़ते जलस्तर से लोगों को सचेत रहने की सलाह दी। तहसीलदार हिमांशु जोशी के अनुसार फिलहाल, क्षेत्र में बहने वाली कैलाश, बैगुल व सुखी नदी का जलस्तर सामान्य है। बाढ़ कंट्रोल रूम और बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर है। राजस्व विभाग की टीम लगातार क्षेत्रों में भ्रमण कर रही है। अब तक किसी को रेस्क्यू करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। संवाद
फोटो लाइन। सितारगंज में कर्मचारियों के साथ जल निकासी व्यवस्था दुरस्त कराते पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह। स्त्रोत: संवाद
नदी में समाई किसानों की ज़मीन

भू-कटाव से दस करोड़ के पुल और एप्रोच सड़क को खतरा, एप्रोच सड़क के करीब पहुंची नदी

सितारगंज। शक्तिफार्म में बहने वाली सूखी नदी के बहाव का रुख बदलने से किसानों की कई एकड़ जमीन नदी में समा गई। साथ ही, वह कृषि भूमि को काटते हुए सड़क के काफी नजदीक पहुंच गई। इससे पुल और सड़क दोनों को खतरा पैदा हो गया। सोमवार को गांव रुदपुर निवासी मनवीर वैद्य, प्रशांत माझी, पुरान मंडल, तारक मंडल, उर्मिला मंडल, विजय राय, रजेन बाछाड़, भैरव और तापस वैद्य सहित दर्जनों किसानों की सूखी नदी के किनारे स्थित करीब 40 एकड़ जमीन पानी के तेज बहाव में बह गई। इससे उनकी पॉप्लर की खेती भी बर्बाद हो गई। नपं अध्यक्ष सुमित मंडल के अनुसार पानी के बहाव की दिशा बदलने से नदी कृषि भूमि को काटते हुए एप्रोच सड़क के काफी करीब पहुंच गई है। इसमें दर्जनों किसानों की जमीन नदी में समा गई। वहीं, पुल और सड़क दोनों को खतरा भी पैदा हो गया है। बताया कि एसडीएम रविंद्र जुवांठा, तहसीलदार हिमांशु जोशी और पटवारी को नदी के बदले रुख और किसानों के नुकसान के बारे में अवगत करा दिया है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से सड़क की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।वहीं कैलाश और बैगुल नदी के भी उफान पर होने से इनसे लगे गांव निर्मलनगर, राजनगर, अरविंद नगर, बिज्टी, कौंधा अशरफ, झुका, रसोईयापुर, चिकाघाट, उकरौली में भी कई किसानों की कई एकड़ जमीन नदी में समा गई है। संवाद
फोटो लाइन। सितारगंज में भू-कटाव से नदी में समाई जमीन। संवाद
नानक सागर काॅलोनी से नौसर के लिए आवाजाही हुई बंद

खटीमा। मझोला क्षेत्र में सोमवार को भी मूसलाधार बारिश जारी रही। नौसर गांव में सोमवार को कई सड़कें जलमग्न रहीं। नौसर के ग्राम प्रधान महेंद्र पाल ने बताया कि नौसर से 17मील जाने वाली सड़क पर रपटा के ऊपर से पानी बह रहा है। नानक सागर कॉलोनी से नौसर और 17मील मार्ग को जोड़ने वाले गांव प्रतापपुर, बंडिया, मोहनपुर, जोगीठेर नगला, प्रतापपुर, भगचुरी के ग्रामीणों को मार्ग अवरुद्ध होने से आने-जाने में परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मझोला गांव में मार्ग पर जलभराव से लोग परेशान हैं। लगातार हो रही बारिश से लोगों के घरों में पानी घुसने से अनाज व अन्य सामान भीग रहा है।

बारिश से आवाजाही प्रभावित
झनकट। लगातार बारिश से जसारी से पटपुरा को जोड़ने वाले संपर्क पुल के पास पानी के तेज बहाव और जलस्तर बढ़ने से इस मार्ग से आवाजाही ठप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इसी मार्ग से होकर कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। ग्रामीणों ने आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। संवाद
विज्ञापन


गांगी में बरसाती नाले में बहे तीन युवक, ग्रामीणों ने बचाया
झनकट। बारिश के चलते सोमवार को गांगी गांव से ऐचिताबिही को जोड़ने वाले मार्ग पर रपटे के ऊपर से पानी बह रहा था। रपटे से गुजरते समय गांव के युवक कश्मीर सिंह पानी के तेज बहाव में फंस गया। उसे बचाने के लिए उसके साथी उग्र सिंह और एक अन्य युवक पहुंचे। लेकिन उसे बचाने के दौरान तीनों युवक बरसाती नाले में बह गए। युवकों को पानी में बहता देख मौके पहुंचे ग्रामीणों ने तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। समाजसेवी बीएस कोटिया ने बताया कि लगातार बारिश से क्षेत्र के बरसाती नाले उफना गए हैं। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें