रुद्रपुर। होम्योपैथिक विभाग का रडार सॉफ्टवेयर मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। सॉफ्टवेयर में मरीज की बीमारी का विवरण डालते ही दवा का चयन हो जाता है। डेढ़ साल में 438 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है।
होम्योपैथिक विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले रडार सॉफ्टवेयर का संचालन शुरू किया था। यह सुविधा विभाग के सात में से छह केंद्रों में मिल रही है। इनमें जिला अस्पताल स्थित केंद्र के साथ ही खटीमा, बगुलिया, सितारगंज, किच्छा, बाजपुर शामिल हैं। काशीपुर स्थित केंद्र में चिकित्साधिकारी का पद रिक्त होने से वर्तमान में इस सुविधा का संचालन नहीं हो रहा है।
रडार सॉफ्टवेयर से त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द, उदर संबंधी रोग, मानसिक बीमारी के साथ ही दीर्घ रोग से पीड़ित मरीजों के सिस्टम में डाले जाते हैं। सॉफ्टवेयर के माध्यम से दवा का चयन हो जाता है। होम्योपैथिक अस्पतालों के माध्यम से सप्ताह में एक दिन स्कूल और गांवों में आउटरीच कैंप लगाए जाते हैं। इन शिविरों में लोगों को इलाज करने के साथ ही रडार सॉफ्टवेयर की उपयोगिता की जानकारी दी जाती है।
रडार सॉफ्टवेयर से मरीजों के इलाज में काफी सहूलियत मिल रही है। काशीपुर अस्पताल में भी जल्द यह सुविधा मिलने लगेगी। -महेश चंद्र जोशी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी यूएसनगर।