काशीपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) लोगों के लिए मुफीद साबित होने लगा है। इस दौरान विभाग की ओर से एक साल में कई क्षेत्रों के तालू कटे, दिल में छेद आदि गंभीर बीमारी से ग्रस्त 16 बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन कराया गया है। सभी बच्चे स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
भारत सरकार की ओर से आरबीएसके शुरू किया गया जो एक स्वास्थ्य कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह कार्यक्रम बच्चों में जन्म दोष, कमियों, बीमारियों और विकास में देरी की पहचान कर इलाज के लिए काम करता है। मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. अमरजीत सिंह साहनी के निर्देशन में राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायण नगर के डॉ. आदित्य विक्रम, डॉ. शैफाली, फार्मासिस्ट प्रेम बृजलाल ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्क्रीनिंग कार्य किया।
इस बीच टीम को दिल में छेद, तालू कटे आदि गंभीर बीमारी से ग्रसित कई बच्चे मिले। जांचे कराने समेत सभी कागजी कार्रवाई कराकर बच्चों का डाटा जिले को भेजा। डॉ. आदित्य ने बताया कि उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत टीम विद्यालय में एक और आगंनबाड़ी केंद्रों में दो बार बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है और एनीमिया की जांच करती है। सत्र 2024-25 में टीम ने तालू कटे के आठ, दिल में छेद के पांच, न्यूरल ट्यूब (एनटीडी) का एक, पैर मुड़े के दो बच्चों का ऋषिकेश एम्स, राममूर्ति बरेली, सत साईं व सर्वोदय हॉस्पिटल पलबल हरियाणा, ग्राफिक ऐरा व ज्योलिग्रांट हॉस्पिटल देहरादून आदि में निशुल्क ऑपरेशन कराया है। सभी बच्चे स्वस्थ हैं। यदि क्षेत्र में इस प्रकार की बीमारी से ग्रसित बच्चा हो तो वह टीम से संपर्क कर सकता है।
मुख्य उद्देश्य:
-बच्चों में जन्म दोषों, कमियों, बीमारियों और विकास में देरी की प्रारंभिक पहचान करना
-इन समस्याओं का इलाज और प्रबंधन करना
-बच्चों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करना
-व्यापक देखभाल प्रदान करना
कार्यक्रम का लाभ:
-बच्चों में बीमारियों और विकलांगता को कम करने में मदद करता है
-बच्चों के विकास और सीखने में सुधार करता है