स्थापना दिवस पर प्रदेश वासियों को तोहफा देने के बजाय राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ बीमा योजना ही बंद कर दी है। यहां एक प्राइवेट अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने को भर्ती मरीज योजना बंद होने की वजह से बैरंग लौट गए। अस्पताल ने मुफ्त में ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया।
बृहस्पतिवार को स्टेशन रोड स्थित महालक्ष्मी नेत्र चिकित्सालय में एमएसबीवाई के तहत दर्जन भर मरीजों का ऑपरेशन होना था। सुबह को जगीर चंद, सुरेंद्र कौर, विरमा देवी, प्रेमवती, मोहर सिंह, अशोक, खुसविंदर, शहनाज और शैला आदि को भर्ती कर लिया गया था। सभी मुख्यमंत्री स्वास्थ बीमा योजना के कार्डधारी थे। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए उनकी आंखों में दवा भी डाली जा चुकी थी, लेकिन शाम तीन बजे योजना बंद हो गई।
साढ़े तीन बजे मरीजों के बीमा कार्ड का कोड कंप्यूटर पर डाला गया तो कोड स्वीकार नहीं हुआ। उस पर लिखा आया कि योजना बंद हो चुकी है। इससे मरीजों में खलबली मच गई। अस्पताल प्रबंधन ने भी ऑपरेशन करने से हाथ खड़े कर दिए। अब गरीब मरीज हाथों-हाथ पैसे कहां से लाते, वे बैरंग लौट गए। आंखों में दवा पड़ी होने से उनकी आंखें सूज गई थीं।
30 नवंबर तक है अनुबंध
महालक्ष्मी नेत्र अस्पताल के स्वामी डॉ.मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि योजना के तहत विभाग से उनका अनुबंध 30 नवंबर तक है, लेकिन सरकार ने अचानक बंद कर दिया। उन्होंने भर्ती रोगियों के ऑपरेशन की तैयारी कर ली थी। जब उन्होंने कंप्यूटर पर रोगियों के कार्ड नंबर लोड किए तो कंप्यूटर ने स्वीकार नहीं किया और लिख कर आया कि योजना बंद हो गई। जो मरीज खर्च वहन कर सकते हैं, उनका रियायती दर पर ऑपरेशन किया जाएगा।
योजना में अनुबंध पर काम कर रहे कई प्राइवेट अस्पतालों से अनियमितताओं की शिकायतों पर सरकार ने फिलहाल मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को स्थगित कर दिया है। योजना कब चालू होगी। यह निर्णय सरकार करेगी। शाम तीन बजे से योजना बंद हो गई है।
-संजय शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊधमसिंह नगर