सितारगंज। सितारगंज में डायरिया प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी अस्पताल में 16 नए मरीजों को भर्ती किया गया। स्वास्थ्य व पेयजल विभाग की टीम डायरिया के फैलने का कारण तलाशने में जुटी रही। आईडीएसपी (इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम) की रैपिड रिस्पांस टीम ने विभिन्न वार्डों से पानी के पांच सैंपल एकत्रित किए। सैंपल को जांच के लिए रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया। सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी में 359 मरीजों की जांच की गई। इसमें उल्टी-दस्त की शिकायतों वाले 16 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। जबकि अस्पताल में पहले ही डायरिया के 14 मरीज भर्ती है। उन्होंने बताया कि रैपिड रिस्पांस टीम ने वार्ड नंबर एक, दो, तीन, चार और छह से पानी के पांच सैंपल एकत्रित किए हैं।
इधर, जल संस्थान ईई अजय कुमार ने टीम साथ प्रभावित वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों का हाल-चाल भी जाना। उन्होंने मरीजों से उनके जल स्रोत की जानकारी ली।
मरीजों ने बताया कि वह हैंडपंप का पानी पीने से वह बीमार हुए जबकि कइयों ने सरकारी नल के पानी को दूषित बताया तो एक मरीज ने बताया कि शहर में वितरित होने वाले ठंडा पानी के कैंपर का पानी पीकर वह बीमार हुआ। अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न सोर्स से लोग दूषित पानी पी रहे हैं। इससे बीमारी बढ़ रही है। अभी जांच जारी है।