यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद को अमली जामा पहनाया जा रहा है। जिले में चिन्हित किए गए 47 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जनवरी मध्य तक कैमरे लगाने का काम पूरा हो जाएगा। पुलिस मुख्यालय देहरादून में बने कंट्रोल रूम से कैमरों को जोड़ा जाएगा। यूएस नगर ही नहीं बाकी जिलों के सीसीटीवी कैमरे भी कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे। खुद एआईजी ट्रैफिक यातायात पर नजर रखेंगे और कमियां सुधारने के दिशा-निर्देश भी देंगे।
वरिष्ठ आईपीएस केवल खुराना ने सहायक पुलिस महानिदेशक यातायात की जिम्मेदारी संभालने के बाद चार प्रमुख जिले देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर की यातायात व्यवस्था को ठीक करने की कोशिश शुरू कर दी हैं। उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर जिलों के ट्रैफिक एसपी से रिपोर्ट मांगी थी। अब महत्वपूर्ण जगहों को चिन्हित कर कैमरे लगाने की कार्यवाही की जा रही है। एआईजी ट्रैफिक खुराना ने बताया कि ऊधमसिंह नगर में 47 पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में 20 कैमरे एक पखवाड़े के भीतर लगा दिए जाएंगे। दूसरे चरण में जनवरी मध्य तक बाकी 27 जगहों पर कैमरे लगाए जाएंगे। पुराने और नए लगने वाले कैमरों को मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। कंट्रोल रूम से यातायात गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और सुधार के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
बताया कि पूरे प्रदेश में 425 स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे। शासन से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल चार जिलों की यातायात व्यवस्था पर फोकस किया जा रहा है। इसको लेकर जरूरी रिपोर्ट भी संबंधित जिलों के एसपी ट्रैफिक से मंगवाई जा रही हैं। कहा कि यातायात व्यवस्था ठीक करने के साथ ही हादसों का ग्राफ कम करने पर भी काम किया जा रहा है।
कितने चालकों के लाइसेंस हुए निलंबित, मांगी रिपोर्ट
एआईजी ट्रैफिक केवल खुराना ने बताया कि चार जिलों के एसपी ट्रैफिक से दुर्घटना के जिम्मेदार चालकों के लाइसेंस निलंबित करने की रिपोर्ट मांगी जा रही है। रिपोर्ट में पूछा जा रहा कि कितने चालकों के लाइसेंस निलंबित किए गए और कितनों के निलंबित करने की रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजी गई है। यह भी पूछा गया है कि एक से ज्यादा हादसे करने वाले व्यवसायिक लाइसेंस वाले चालकों के कितने मामले प्रकाश में आए हैं। सड़क पर वाहन दौड़ाने वाले नाबालिगों पर कार्यवाहियों का ब्यौरा भी तलब किया गया है।