रुद्रपुर। सितारगंज के राजकीय प्राथमिक विद्यालय उकरौली में वित्तीय अनियमितताओं और अन्य गंभीर आरोपों में निलंबित प्रधानाध्यापक सर्वजीत सिंह को विभागीय जांच के बाद बहाल कर दिया गया है। हालांकि उन्हें प्रधानाध्यापक पद से पदावनत कर सहायक अध्यापक बनाया गया है। साथ ही भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार का वित्तीय प्रभार देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। विभाग ने उनसे 1.89 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की वसूली के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पांच मई 2025 को विद्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में विद्यालय का समय पर संचालन नहीं होना, समग्र शिक्षा के तहत मिली धनराशि के दुरुपयोग, खरीदी गई सामग्री का स्टॉक पंजिका में अंकन नहीं होने और विद्यालय में सामग्री उपलब्ध नहीं होने की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा नियमों के विपरीत गणवेश खरीदने का मामला भी सामने आया था।
विद्यालय में 359 छात्र-छात्राएं दर्ज थे जबकि इनमें से केवल 123 की अपार आईडी बनाई गई थी। जांच में फर्जी छात्रों के नाम पर गणवेश, जूते और बैग की धनराशि वितरित किए जाने की भी बात सामने आई। इसके अलावा भोजन माता को नियमों के विपरीत विद्यालय के कक्षा-कक्ष में रहने की अनुमति देने सहित अन्य आरोपों के बाद प्रधानाध्यापक सर्वजीत सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई थी।
जांच समिति ने सर्वजीत सिंह को दोषी मानते हुए वित्तीय वसूली और कार्रवाई की संस्तुति की। इसके आधार पर विभाग ने शुक्रवार को उन्हें प्रधानाध्यापक पद से पदावनत करते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय बखपुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती दी है। साथ ही उनसे 1.89 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता की वसूली की जाएगी और भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार का वित्तीय प्रभार नहीं सौंपा जाएगा।