आम तौर पर किसी कार्यक्रम के बाद वीआईपी की फ्लीट सरपट दौड़कर चली जाती है, लेकिन शनिवार को यहां ऐसा नहीं हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी जाते-जाते भी लोगों का दिल जीत ले गये। सभास्थल से हैलीपैड तक जब पीएम का काफिला सड़क से गुजरा तो पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्लीट की स्पीड कम करवाई और अपनी बुलेट प्रूफ कार का गेट खोल दिया और लोगो का अभिवादन स्वीकार करने लगे। मोदी के इस अंदाज से जहां सड़क किनारे खड़े लोग उत्साहित नजर आये वहीं उनके सुरक्षा कर्मियों के हाथ-पांव फूल गये। आनन-फानन में सुरक्षा कर्मियों ने मोदी की कार को घेरे में ले लिया और काफी दूर तक सुरक्षा कर्मी पैदल ही कार के साथ दौड़ते रहे।
हुआ यूं कि सभा स्थल पर संबोधन समाप्त होने के बाद मोदी का काफिला सभा स्थल से पुलिस लाईन स्थित हैलीपैड की ओर रवाना हुआ। मोदी की फ्लीट में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक वाहन थे। पीएम के वाहन को आगे और पीछे कई वाहनों ने सुरक्षा घेरे में ले रखा था। जब मोदी सभा स्थल से करीब तीन सौ मीटर दूर खेड़ा पुल के पास पहुंचे तो सड़क के दोनों ओर उन्हें देखने के लिए हुजूम खड़ा था। लोग मोदी-मोदी के नारे लगा रहे थे। यह देख पीएम ने अचानक अपनी फ्लीट की स्पीड कम करवा दी। इतना ही नहीं मोदी ने अचानक सुरक्षा कर्मियों को बताये बिना ही अपनी बुलेट प्रूफ कार का गेट आधा खोल दिया और कार से आधा बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करने लगे।
मोदी की इस कोशिश पर उनके साथ चल रहे सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। चलती गाड़ियों से सुरक्षा कर्मियों ने कूदकर मोर्चा संभाला और पीएम की कार को सुरक्षा घेरे में ले लिया। काफी देर तक सुरक्षा कर्मी पैदल ही मोदी की कार को सुरक्षा घेरे में लेकर चलते रहे। इस बीच किच्छा बाईपास रोड पर खड़े हजारों लोग मोदी के इस अंदाज से उत्साहित नजर आये और मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। इससे पहले जब मोदी की फ्लीट कार्यक्रम स्थल के पहुंची तब भी कमोवेश ऐसी ही स्थिति थी। आते समय मोदी ने कार के भीतर से ही हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।