सिडकुल की एचसीएल इंफोसिस्टम कंपनी ने अपने 16 स्थायी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रबंधन ने कंपनी गेट पर नोटिस चस्पा कर उनके अंदर आने पर रोक लगा दी है। कंपनी से बिना नोटिस हटाने और प्रवेश पर पाबंदी के खिलाफ कर्मचारियों ने गेट पर फैसले का विरोध जताया।
सिडकुल की सेक्टर पांच स्थित एचसीएल इंफोसिस्टम लिमिटेड में मार्च के बाद उत्पादन धीरे-धीरे कम हो रहा है। चार एग्जिक्यूटिव समेत 12 इंजीनियर पिछले 12 सालों से स्थायी रूप से काम कर रहे थे। सोमवार शाम को नोएडा से कंपनी प्रबंधन के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट में कर्मचारियों से समझौता वार्ता की और मुआवजे के लिए उच्च स्तरीय पदाधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय लेने की बात कही थी।
मंगलवार सुबह जब कर्मचारी कंपनी गेट पर पहुंचे तो गेट अंदर से बंद था। सुरक्षा गार्डों ने कंपनी बंद होने का हवाला दिया और कहा कि परिसर में लगे में नोटिस में नौकरी से हटाने की बात कही गई है। इससे आहत कर्मचारियों ने पहले गेट पर विरोध जताया और फिर एडीएम डॉ. जगदीश कांडपाल से हस्तक्षेप की मांग की। इसके बाद कर्मचारियों ने डीएलसी से गुहार लगाई।
वहां दिनेश बिष्ट, हेमंत रुआली, रमेश पंत, सीबीएस मेहरा, राजेंद्र सिंह, दीपा मनराल, प्रीती शर्मा, गणेश आर्या, अनिल कांडपाल, जसवंत बिष्ट, नरेंद्र सिंह जीना, नीरज यादव, अभिषेक भारद्वाज, लाल सिंह राठौर, धीरज रुआली, जगदीश चंद्र जुयाल आदि थे।
श्रम विभाग को सूचना दिए बगैर कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों को बिना नोटिस बाहर करने का मामला संज्ञान में आया है। बिना फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के ही महज नोटिस चस्पा कर कंपनी गेट बंद कर दिया। मामले में नोएडा में कंपनी प्रबंधन को नोटिस भेजकर तलब किया जाएगा और कर्मचरियों की उनसे वार्ता कराई जाएगी।
एनसी कुलाश्री, डीएलसी, ऊधमसिंह नगर