तराई की विधानसभा सीटों पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच चुनावी जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस ने तराई में बिखरी पार्टी को संजीवनी देने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत को किच्छा सीट से मैदान में उतारा है। भाजपा ने सीटें बचाए रखने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को तराई की भी कमान सौंपी है।
2012 के विधानसभा चुनाव में तराई के ऊधमसिंह नगर जिले की नौ सीटों में सात सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी जीते थे। दो सीटों पर कांग्रेस को सफलता मिली थी। अब 2017 के चुनाव आते-आते कांग्रेस के पास ऊधमसिंह नगर में कांग्रेस के पास एक भी सीट नहीं बची है। अब किच्छा सीट पर टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी सुरेश गंगवार व उनके पिता जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार ने भी समर्थकों के साथ कांग्रेस को अलविदा कह दिया। ऐसे में किच्छा सीट से मुख्यमंत्री हरीश रावत के उतरने से कांग्रेस को यहां संभलने का मौका मिल सकता है। जिले की सभी सीटों पर प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की कमान सीएम रावत के हाथ में है।
भाजपा भी तराई में अपनी सीटें बचाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। भाजपा ने सीएम रावत को घेरने और सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी जिताने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को कुमाऊं के तराई में चुनावी रणनीति की अतिरिक्त कमान सौंपी है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व सांसद बलराज पासी भी सभी सीटों पर प्रचार में जुटे हैं।