दिनेशपुर हरि मंदिर में हुई बैठक में बोलते वक्ता।
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दिनेशपुर। श्री हरिचांद गुरुचांद धर्म मंदिर के आचार्य विवेकानंद महाराज और प्रबंध समिति के बीच विवाद फिर सामने आया है। रविवार को आचार्य विवेकानंद ने मतुआ अनुयायियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों की बैठक बुलाकर प्रबंध समिति पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। बैठक में वर्तमान समिति को भंग कर नया ट्रस्ट बनाने की बात भी कही गई। साथ ही मंदिर की सारी संपत्ति किसी व्यक्ति विशेष और समिति के बजाए ट्रस्ट के नाम करने की मांग की गई।
मतुआ समुदाय की आस्था का केंद्र श्री हरिचांद गुरुचांद धर्म मंदिर के तत्कालीन संस्थापक आचार्य गोपाल जी महाराज के आकास्मिक निधन के बाद मंदिर में आचार्य की गद्दी उनके प्रमुख शिष्य विवेकानंद महाराज ने संभाली थी। तभी से मंदिर के प्रबंध समिति और विवेकानंद महाराज के बीच विवाद चल रहा है। रविवार को हुई बैठक में आचार्य विवेकानंद ने कहा कि षड्यंत्र के तहत दुष्प्रचार कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि महावारुणी स्नान महोत्सव के दौरान भी उनकी अनदेखी की गई।
बैठक में प्रेमानंद महाजन, विजय मंडल, बंगाली कर्मचारी उन्नयन समिति के संरक्षक शंकर चक्रवती, हिमांशु सरकार, आशुतोष राय, त्रिनाथ विश्वास, नारायण महाजन, समीर राय, सुभाष सरकार, तारक बाछाड़, चंद्रशेखर गांगुली, अमित वैद्य आदि मौजूद रहे।
प्रबंध समिति का पक्ष
महाराज की ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। पिछले दिनों जो आयोजन हुआ था वह स्थायी कमेटी और उत्सव कमेटी की ओर से भव्य रूप से आयोजित किया गया। इसमें महाराज का पूरा सम्मान किया गया था।
सुधीर रायम, अध्यक्ष स्थायी कमेटी