खटीमा में महिलाओं की ओर से बनाए जा रहे कपड़ों को देखते पीडी हिमांशु जोशी। संवाद
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री सीमांत विकास योजना (सीएमबीएडीपी) के तहत खटीमा में 240 महिलाओं को हथकरघा से कपड़ा बनाना सिखाया जाएगा। वह टीशर्ट और कुर्ते भी तैयार करेंगी। भविष्य में सरकारी कर्मचारियों को भी इनसे शर्ट, टीशर्ट और कुर्ते खरीदने होंगे।
सीएमबीएडीपी के तहत लुधियाना से तीस लाख रुपये की लागत से खरीदा गया हथकरघा खटीमा ब्लॉक में स्थापित किया गया है। इसमें रूर्बन योजना के तहत खटीमा की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हथकरघा चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद महिलाएं सूती कपड़े बनाएंगी।
ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी ने बताया कि ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के तहत महिलाओं की ओर से तैयार किए गए कपड़ों की मार्केटिंग की जाएगी। इन कपड़ों को सरकारी कर्मचारियों को भी बेचा जाएगा। इससे महिलाओं की आय दोगुनी होगी। बताया कि फिलहाल महिलाएं हथकरघा चलाने का प्रशिक्षण ले रहीं हैं।