- परिवार का इकलौता था मृतक अभिजोत
- पुलिस ने चालक को हाईवा सहित को केलाखड़ा में पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
गदरपुर। दोस्तों के साथ गुरुद्वारे के दर्शन कर लौट रहे किशोर को तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया। हादसे में किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अपने परिवार का इकलौता था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेजा है। घटना के बाद मौके से फरार डंपर को केलाखेड़ा थाना क्षेत्र में पकड़ लिया गया।
रविवार को ग्राम मुकंदपुर निवासी गुरमेज सिंह का पुत्र अभिजोत सिंह उर्फ अभि (13) अपने दोस्त सुखमन सिंह और दीपक सिंह के साथ ग्राम पसियापुर रामपुर स्थित बाबा दीप सिंह के डेरे के दर्शनों को गया था। अपराह्न करीब चार बजे अभिजोत सिंह अपने दोस्तों के साथ पैदल घर लौट रहा था। बाईपास मार्ग पर ग्राम मुकंदपुर को जाने वाले मोड़ पर उन्होंने गन्ने का जूस पिया। जैसे ही अभिजोत ने बाईपास पार करना चाहा रुद्रपुर से बाजपुर की तरफ जा रहे तेज रफ्तार हाईवा ने अभिजोत को कुचल दिया। हादसे में अभिजोत की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाईवा डंपर चालक वाहन समेत मौके से भाग गया। सूचना पर अभिजोत के पिता गुरमेज सिंह, मां अमन कौर, बहन मनप्रीत कौर के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बमुश्किल परिजनों को समझा-बुझाकर शव को कब्जे में लिया। सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि हाईवा को केलाखेड़ा थाना क्षेत्र में में पकड़ लिया गया है।
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मैंने किसी का क्या बिगाड़ा था जो मुझे यह दिन देखना पड़ा
गदरपुर। हाईवा डंपर की चपेट में आने से अपने इकलौते पुत्र अभिजोत को खोने के बाद गुरमेज सिंह और अमन कौर के आंसू नहीं थम रहे हैं। इकलौते पुत्र के क्षत विक्षत शव को देखकर गुरमेज सिंह, अमन कौर और मनप्रीत कौर की चीखें निकल गईं। गुरमेज का कहना था कि वाहेगुरु ने उनको ऐसा दुख क्यों दिया। वह तो गुरु घर के दर्शन करने गया था। उसने किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसको आज यह दिन देखना पड़ा। न तो मेरी किसी से दुश्मनी थी और न ही मैं किसी से कोई मनमुटाव रखता था। अपने परिवार के साथ खुश था। हंसमुख और मिलनसार प्रवृत्ति के अभिजोत की मौत से हर किसी की आंखें नम थी। संवाद
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भाई की मौत की सूचना से बहन बेसुध
गदरपुर। इकलौते भाई की मौत से बहन मनप्रीत कौर भी बेसुध हो गई। वह बार-बार अपने भाई का नाम लेकर चीख उठती। उसका कहना था कि घर से अच्छा खासा खुश होकर अभिजोत गुरुद्वारा गया था। उसको यकीन नहीं हो रहा था कि भाई दुनिया में नहीं रहा। मनप्रीत के साथ ही उसके माता पिता की हालत देखकर ग्रामीणों के साथ ही वहां से गुजरने वाले राहगीर भी खुद के आंसू नहीं रोक सके। संवाद
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सुरक्षा के नहीं किए गए व्यापक इंतजाम
गदरपुर। किसान नेता करनैल सिंह का कहना था कि मुकंदपुर को जाने वाले कट पर एनएचएआई ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। आए दिन वाहनों के टकराने से लोग चोटिल होते रहते हैं। वाहनों की तेज रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है। उनका कहना था कि सांसद अजय भट्ट से भी उन्होंने सुरक्षा के उपाय कराने के लिए निवेदन किया था, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। संवाद
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किसान आंदोलन में भी सक्रिय था अभिजोत
गदरपुर। भारतीय किसान यूनियन (गैर राजनैतिक) के जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह गोराया ने मृतक अभिजोत सिंह को किसान आंदोलन का युवा सेनानी बताया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान अभिजोत सिंह ने गाजीपुर बॉर्डर पर रहकर किसान आंदोलन में जुटे किसानों की जी जान से सेवा की थी। उन्होंने परिजनों को आर्थिक मदद और आरोपी डंपर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संवाद
फोटो 26 आरडीपी 19पी: मृतक अभिजोत सिंह 20पी:गदरपुर के बाईपास मार्ग पर अभिजोत के शव के पास रोते बिलखते परिजन 21पी: मृतक अभिजोत की मां को सांत्वना देती ग्रामीण महिलाएं