अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने श्री हरमिंदर साहिब के दरबार में मत्था टेका और अरदास कर प्रसाद ग्रहण किया। दीवान हॉल में सजे भव्य धार्मिक दीवान में पंथ के प्रसिद्ध रागी, ढांढ़ी तथा कविसरी जत्थों ने संगत को गुरुओं की जीवनी और इतिहास सुनाकर निहाल किया।
मंगलवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में अमावस्या पर्व पर लगे एक दिनी मेले में हजारों श्रद्धालु उमड़े। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर श्री हरमिंदर साहिब के दरबार में मत्था टेका और सुख शांति की अरदास की। उन्होंने पवित्र पंजा साहिब, गुरुद्वारा छेवी पातशाही, भंडार साहिब, दूध वाला कुआं, बाऊली साहिब के दर्शन किए। बाबा अलमस्त के दरबार में बीती शाम से ही सजे धार्मिक दीवान में पंजाब से आए बलदेव सिंह बलौंगी के ढांढ़ी जत्थे, गुरनाम सिंह परवाना, स्वर्ण सिंह माला, मुख्त्यार सिंह सेवक, हरचरन सिंह कमल, बलदेव सिंह दानीबांगर के कविसरी जत्थे, कथावाचकाें एवं हजूरी रागी जत्थों ने संगत को गुरुओं और सिख पंथ का इतिहास सुनाकर निहाल किया। दीवान का संचालन सुखविंदर सिंह एमए ने किया। सिख मिशन काशीपुर से आए पंच प्यारों ने गुरुद्वारा भंडार साहिब तथा धार्मिक डेरा कार सेवा की ओर से दूध वाले कुएं पर आयोजित अमृत संचार में 141 धर्म प्रेमियों को पंच प्यारों द्वारा अमृतपान कराकर पंथ पर चलने की दीक्षा दी गई।
श्रद्धालुओं के लिए नगर में जगह-जगह शरबत की छबील लगाई। गुरुद्वारा के लंगर हॉल एवं धार्मिक डेरा कार सेवा में अटूट लंगर बरताया गया। संगत ने डेरा कारसेवा पहुंचकर बाबा वचन सिंह से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस दौरान डेरा कारसेवा के जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक रणजीत सिंह, कैप्टन सुरजीत सिंह, गुरसाहब सिंह, जैलदार सिंह, रमेश मोंगा, तेजेंद्र सिंह, निरबैर सिंह, दारा सिंह, कश्मीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, जीत सिंह आदि थे।