काशीपुर। चैती मेले पर इस बार जीएसटी विभाग की भी नजर है। जीएसटी के साथ करोड़ों में उठने वाले ठेके से होने वाले कारोबार का विभाग अब राजस्व लाभ उठाने की तैयारी में है। इसके लिए व्यापारियों को अपनी खरीद-बिक्री का हिसाब-किताब रखना होगा। इतना ही नहीं, उन्हें जीएसटी का अस्थायी पंजीयन भी अनिवार्य रूप से लेना पड़ेगा।
बीते वर्ष तक ठेकेदार जीएसटी के साथ खेल-तमाशा, दुकान-तहबाजारी, पार्किंग, लाइट-साउंड का ठेका का भुगतान करते थे। दुकानदार पर कोई जीएसटी नहीं लगती थी। वहीं अब पहली बार दुकानदारों को भी अनुमानित आय का विवरण देना होगा।
विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से मेले में होने वाली कर चोरी पर अंकुश लगाया जा सकेगा और राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
उधर, जीएसटी विभाग काशीपुर के सहायक आयुक्त राहुल सिंह ने बताया कि इस बार मेले पर विभाग की नजर रहेगी। नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अस्थायी पंजीकरण 90 दिनों का होता है जो निशुल्क होगा। दुकानदार स्वयं तय करेगा कि उसकी दिनभर में कितनी आमदनी होगी। उसके मुताबिक वह 18 फीसदी जीएसटी का भुगतान करेगा। जीएसटी जमा करने के बाद वह कारोबारी रिटर्न फाइल कर सकता है।
उन्होंने बताया कि मेला परिसर में ही एक अस्थायी कार्यालय खोल दिया जाए। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है।