रुद्रपुर। ग्राम पंचायतों के बजट से प्रतिमाह 2500 रुपये सीएससी को देने के आदेश के खिलाफ जिला पंचायती राज अधिकारी का घेराव करने जा रहे ग्राम प्रधानों को पुलिस ने विकास भवन गेट पर रोक दिया। हंगामे की आशंका को देखते हुए विकास भवन परिसर में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। बाद में विकास भवन गेट पर ही ग्राम प्रधानों ने जिला पंचायती राज अधिकारी को ज्ञापन दिया।
सोमवार सुबह प्रदेश प्रधान संगठन के अध्यक्ष भाष्कर सम्मल के साथ जिलेभर से ग्राम प्रधान विकास भवन गेट पर एकत्र हुए। हंगामे की आशंका को देखते हुए पहले से ही विकास भवन गेट पर पुलिस फोर्स तैनात थी। जैसे ही ग्राम प्रधान जिला राज पंचायती अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल के विकास भवन स्थित कार्यालय को जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद जिला पंचायती राज अधिकारी सोमवाल स्वयं विकास भवन गेट पर ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे। ज्ञापन सौंपते हुए संगठन अध्यक्ष सम्मल ने कहा कि प्रतिमाह 2500 रुपये सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) को देने का आदेश जबरन लागू किया गया तो ग्राम प्रधान न्यायालय की शरण लेंगे।
उन्होंने 15वें वित्त में हो रही कटौती पर भी रोक लगाने की मांग की। ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा कर्मियों की हड़ताल से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विकास कार्य करवाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 रुपये बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया जाए। साथ ही पांच हजार रुपये पेंशन भी दी जाए। वहां महेश कुमार, निर्मला सिंह, मनोज देवराड़ी, गुरविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, बूटा सिंह आदि थे।