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सरकारी स्कूल को विलय किया तो अपने बच्चों को घर बैठाएंगे

Wed, 05 Dec 2018 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  गदरपुर।
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गदरपुर के राप्रा वि सरोवर नगर में विरोध प्रदर्शन करते अभिभावक। - फोटो : Amar ujala
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एक तरफ शिक्षा विभाग सिर्फ 10 छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों को बंद करने की बात कर रहा है वहीं 95 छात्र संख्या वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरोवरनगर और 33 छात्र संख्या वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुखशांति नगर का विलीनीकरण कर रहा है। यह स्थिति शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की विधानसभा क्षेत्र गदरपुर की है।  

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    राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरोवर नगर के विलीनीकरण के खिलाफ बुधवार को अभिभावकों व क्षेत्र लोगों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कार्रवाई का विरोध किया। अभिभावकों ने स्कूल के सामने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्राथमिक विद्यालय न खुलने पर अपने बच्चों को घर पर बैठाने एवं  पढ़ाई के लिए दूसरे स्कूल में भी न भेजने की बात कही। अभिभावकों ने कहा कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरोवर नगर में 95 बच्चों होने के बावजूद उसका विलीनीकरण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अपने छोटे बच्चों का दो किलोमीटर दूर राउमावि बरेली नगर नंबर दो में  भेजना असुविधाजनक है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर गांव के बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखने का आरोप लगाया।
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प्रदर्शन करने वालों में नासिर अली, मेहर  अली, गुलफाम अली, शकील अहमद, इसरार अहमद, अली अहमद, शमीम अहमद, शब्बीर अहमद, रफीक अहमद, कमर गालिब, रिफाकत अली शामिल रहे। 

उधर, गदरपुर के ही 33 छात्र संख्या वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुखशांति नगर को आदर्श राजकीय प्राथमिक विद्यालय आदर्श नगर में विलीनीकरण करने का भी अभिभावकों ने विरोध किया। आनंद ज्योति सेवा समिति के बैनर तले एकत्र लोगों ने स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

वहां पर समिति के सचिव दिनेश कुमार, जय नागपाल, विजेंद्र  सक्सेना, राहुल मिश्रा, सुरेंद्र दूबे, सभाशंकर, रवींद्र कुमार, परमजीत सिंह, सोनू सिंह, विमला देवी, अंजुम बानो, पूजा, नसीमा, परवीन आदि थे। इस संबंध में उप शिक्षा अधिकारी गदरपुर रवि मेहता ने कहा कि  स्कूल में कम छात्रों एवं शिक्षकों की कमी के चलते विभाग द्वारा बेहतर शिक्षा व्यवस्था के तहत विलीनीकरण किया गया है। छात्रों का अहित न हो, इसके लिए विभाग प्रयासरत है। अभिभावकों से मिलकर समस्या का निराकरण कराया जा रहा है। 
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