डीएम के निर्देश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आवासों से अवैध कब्जे नहीं हटाए जा सके हैं। 10 महीने से अधिक समय से अनुपस्थित डॉक्टर ने दो नोटिस देने के बाद भी आवास खाली नहीं किया। अब सीएमओ ने सख्त रवैया अपनाते हुए आवास का पुलिस की मौजूदगी में ताला तुड़वाने और डॉक्टर की सेवाएं समाप्त करने के लिए निदेशालय को पत्र लिखने की बात कही है।
करीब आठ महीने पूर्व तबादला होकर आए एसीएमओ डॉ. मनीष कुमार को सरकारी आवास आवंटित नहीं हो सका था। सरकारी आवासों में सेवानिवृत्त या तबादला हो चुके कार्मिकों का कब्जा है। इसके चलते डॉ. मनीष को किराए पर रहना पड़ रहा है। विभागीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने सीएमओ को अवैध कब्जे हटाने के साथ ही वसूली के आदेश दिए थे, लेकिन तय समय में कार्यवाही नहीं हुई। इस पर एडीएम जगदीश कांडपाल ने सीएमओ को रिमाइंडर भेजा था, लेकिन अब तक कब्जा खाली नहीं हो सका है।
इधर, बता दें कि सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के आवासीय परिसर में हो रही शादी में आए मेहमान एक आवास में रुके थे। इस आवास पर एक डॉक्टर का कब्जा है, जिसका अल्मोड़ा तबादला हुए 10 महीने से अधिक का समय बीत चुका है। एकतरफा रिलीव होने के बाद भी डॉक्टर के ज्वाइन नहीं करने पर उनकी तनख्वाह रुकी हुई है।
एक फार्मेसिस्ट के घर में शादी है और जगह की कमी की वजह से उक्त आवास में मेहमान रुके हैं। यह कहीं से भी गलत नहीं है। आवासों से कब्जे खाली कराने की कार्यवाही चल रही थी। डॉक्टर को भी दो बार आवास खाली करने के नोटिस दिए जा चुके हैं। तीसरे नोटिस में एक हफ्ते बाद पुलिस की मौजूदगी मेें ताला तुड़वाकर कब्जा लिया जाएगा। साथ ही 10 माह से ज्वाइनिंग नहीं देने पर डॉक्टर की सेवाएं भी समाप्त करने के लिए निदेशालय को लिखा जा रहा है।
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डॉ. संजय कुमार शाह, सीएमओ।