फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभी तक एक जिले के लिए भी रोटी नहीं जुटा पाई सरकार

Wed, 15 May 2019 11:48 PM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
विज्ञापन
खुले आसमान के नीचे टैंक्टर टाली पर लदा गेहूं।
विज्ञापन

इस वर्ष गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी होने से क्रय एजेंसियां अभी तक ऊधमसिंह नगर जिले के राशन कार्ड धारकों के लिए भी पर्याप्त गेहूं नहीं खरीद सकीं हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत विभिन्न योजनाओं के तीन लाख, 93 हजार, 991 राशनकार्ड धारकों के लिए एक साल में तीन लाख, 57 हजार, 84 क्विंटल गेहूं की जरूरत है, जबकि अभी तक जिले में तीन लाख, 35 हजार, 185 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है।

विज्ञापन


कुमाऊं मंडल को रबी विपणन सत्र 2019-20 के लिए 18 लाख गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है, जिसमें से उत्तराखंड के प्रमुख कृषि उत्पादक जिला ऊधमसिंह नगर को 16.8 लाख क्विंटल गेहूं खरीदना है। जिले में राज्य खाद्य योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा व अन्त्योदय के राशनकार्ड धारकों की सालाना तीन लाख, 57 हजार, 84 क्विंटल गेहूं की जरूरत के बाद अन्य जिलों को जरूरतें पूरी होनी हैं। जबकि जिले में गेहूं की सरकारी खरीद लगभग खत्म होने के कगार पर है।

ऐसे में अब गेहूं की अधिक खरीद की उम्मीद करना बेमानी है। ऊधम सिंह नगर मेें राज्य खाद्य योजना के लिए प्रतिमाह नौ हजार, 969 क्विंटल, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए 17 हजार, 531 क्विंटल व अन्त्योदय योजना के लिए दो हजार 257 क्विंटल गेहूं की जरूरत है। अपर जिला सहकारी अधिकारी एमएल वर्मा कहते हैं कि जिले में अब दो-चार दिन ही गेहूं के सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद की उम्मीद है।
विज्ञापन

 

गेहूं खरीद कम होने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए एफसीआई से गेहूं खरीदा जाएगा। - हेमंत जोशी, गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी, आरएफसी

विज्ञापन

जिले में विभिन्न योजनाओं के राशन कार्ड
योजना                        राशन कार्ड
राज्य खाद्य योजना        एक लाख, 93 हजार, 142
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा        एक लाख, 83 हजार 560
अन्त्योदय                    17 हजार, 289

किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने में कई जटिल औपचारिकताओं का सामना करना पड़ा। किसानों को भुगतान समय पर नहीं हुआ। इस कारण किसानों ने नगद मूल्य के लिए आढ़तियों, सीड प्लांट आदि को गेहूं बेचा। गेहूं की सरकारी खरीद कम होने की यही प्रमुख वजह रही। जबकि गेहूं की निजी खरीद करीब 10 लाख क्विंटल हो चुकी है। - ठाकुर जगदीश सिंह, प्रदेेश उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें