रुद्रपुर। गोट वैली में सितारगंज और शक्तिफार्म के लाभार्थियों के लिए मनरेगा की ओर से निशुल्क बकरियों के शेड तैयार किए जाएंगे। गोट वैली में पशुपालन विभाग ने 107 में से 62 पशुपालकों का चयन कर लिया है। छह पशुपालकों की पांच-पांच बकरियों का विभाग की ओर से बीमा किया गया है।
पहाड़ों की तरह तराई में भी बकरियों की घाटी (गोट वैली) की स्थापना की जा रही है। वैली के माध्यम से पशुपालन विभाग की ओर से बकरियों के दूध और मीट को बढ़ावा देने का कार्य किया जाएगा है। इसके साथ ही हाईक्लोरिन और कैल्शियम युक्त बकरी के दूध व उससे बने अन्य खाद्य पदार्थ को बाजार में लाने का भी प्रयास किया जाएगा।
90 फीसदी सब्सिडी मिलेगी
विभाग की ओर से चयनित 62 पशुपालकों में से 11 लाभार्थियों को बकरियां खरीदने के लिए राज्य सरकार की राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) योजना से ऋण उपलब्ध कराया गया है। विभाग की ओर से लाभार्थियों को 90 प्रतिशत सब्सिडी में उन्नत नस्ल की बकरियां दी जाएंगी।
पहाड़ों में अधिक बकरियां होने के चलते पहले वहीं गोट वैली बनाई जाती थी। तराई के सितारगंज और शक्तिफार्म वाली बेल्ट में लोगों के पास अधिक बकरियां होने के चलते विभाग की ओर से यहां भी गोट वैली की स्थापना की जा रही है। लाभान्वित किए जाने वाले 107 पशुपालकों के पास 16-16 बकरियां होंगी। इससे गोट वैली में 1,712 बकरियां हो जाएंगी। पशुपालक इनका पालन पोषण कर मीट व दूध का व्यवसाय करेंगे। - डॉ. केके जोशी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।