रुद्रपुर। सूबे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हालत कैसी है, इसकी बानगी सितारगंज के उप जिला अस्पताल में देखी जा सकती है। अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उप जिला अस्पताल में परिवर्तित कर दिया गया लेकिन सुविधाएं सीएचसी की भी मुकम्मल नहीं हैं।
शासन ने सितारगंज के 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जन दबाव के चलते 28 नवंबर 2023 को 90 बेड के उप जिला अस्पताल में उच्चीकृत कर दिया। अगस्त 2024 में सीएमओ ने उप जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्साधीक्षक, नेत्र सर्जन, अस्थि रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट के साथ ही पैरा मेडिकल और कार्यालय स्टॉफ के पद सृजित करने के लिए स्वास्थ्य सचिवालय को प्रस्ताव भेजा। शासन से पद भी सृजित कर दिए गए लेकिन अब तक सृजित पदों में तैनाती की राह नहीं खुल सकी है।
अस्पताल जर्नल सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ का पद भी रिक्त है। नव सृजित और रिक्त पदों पर तैनाती नहीं होने से सितारगंज क्षेत्र के लोगों को अस्पताल का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय और निजी अस्पतालों पर निर्भरता बनी हुई है। कब उप जिला अस्पताल साधन संपन्न होगा, यह अहम और सुलगता हुआ सवाल है।
सूबे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। सितारगंज अस्पताल के साथ ही अन्य अस्पतालों को इसका लाभ मिलेगा।
-डॉ. सुनीता टम्टा डीजी हेल्थ उत्तराखंड