रुद्रपुर। नवरात्र में आज देवी भगवती नौका पर सवार होकर पृथ्वी लोक में आएंगी। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो देवी शक्ति का वाहन शेर होता है, लेकिन देवी जब भी पृथ्वी लोक पर विचरण करती हैं तो अलग वाहन में ही सवार होकर आती हैं जो सप्ताह के दिनों पर निर्भर करता है। बुधवार का दिन होने से देवी मां नौका पर सवार होकर आ रही हैं।
चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को हिंदू नव वर्ष मनाया जाता है। ब्रह्म पुराण के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इस दिन से सृष्टि का निर्माण प्रारंभ किया था। इस वर्ष संवत्सर में बुध राजा और शुक्र मंत्री होंगे। चार ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। गुरु बृहस्पति अपनी स्व राशि मीन में चतुर्थ ग्रही योग बनाकर विराजमान रहेंगे। इसके अतिरिक्त शनिदेव अपनी स्व राशि कुंभ में विराजमान होकर शुभ फल प्रदान करेंगे। ज्यातिषाचार्य डॉ. मंजू जोशी ने बताया कि नवरात्र के मध्य क्रमशः 23, 24, 27 और 30 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। 27 और 30 मार्च को अमृत सिद्धि योग बनने से सभी कार्य सिद्ध और शुभ फल प्रदान करेंगे। बताया कि 22 मार्च को अभिजीत मुहूर्त नहीं है। घटस्थापना शुभ मुहूर्त सुबह 6.29 से 7.39 तक रहेगा। कहा कि नवरात्र में शाम को घर के मुख्य द्वार पर नौ दीपक जलाने से सभी कष्ट दूर होते हैं।
-
इंसेट-हिंदू संवत्सर वर्ष पड़ रहे तीन सूर्य और तीन चंद्र ग्रहण
- इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल में पड़ेगा, इसे खंड ग्रास सूर्यग्रहण कहा गया है।
- पांच मई को उप छाया चंद्रग्रहण पड़ेगा।
- 14 अक्तूबर को कंकणाकृति सूर्यग्रहण पड़ेगा।
- 28 अक्तूबर को खंड ग्रास चंद्रग्रहण रहेगा।
- 25 मार्च 2024 को चंद्र ग्रहण।
- आठ अप्रैल 2024 वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण पड़ेगा।