फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घुघुतिया त्यार: संस्कृति के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई परंपरा

Tue, 20 Jan 2026 01:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रपुर। उत्तराखंड का पारंपरिक घुघुतिया त्योहार इस बार केवल लोकआस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश लेकर सामने आया। सोमवार को संजय वन में आयोजित घुघुती त्यार कार्यक्रम में वेटलैंड संरक्षण और फिन्स बाया (बुनकर पक्षी) जैसी दुर्लभ प्रवासी चिड़ियों पर केंद्रित जागरूकता ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
विज्ञापन

मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौदिया ने विद्यार्थियों के लगाए गए पर्यावरणीय स्टालों का अवलोकन कर कहा कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बिगड़ने से गंभीर संकट खड़े हो सकते हैं। घुघुतिया पर्व बच्चों, परंपराओं और प्रकृति को जोड़ने वाला उत्सव है, इसलिए इसे संरक्षण से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि सांसद अजय भट्ट के निर्देशन में संजय वन को सुरक्षित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वन क्षेत्र में फेंसिंग कर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग का आग्रह किया गया। नेचर साइंस इनिशिएटिव की डॉ. सौम्या प्रसाद ने कहा कि उधम सिंह नगर की वेटलैंड्स अतिक्रमण और मानवीय गतिविधियों से दबाव में हैं। चिड़ियां भूमि और पानी की सेहत का संकेत देती हैं। उन्होंने कहा कि घुघुतिया पर्व, जो परंपरागत रूप से कौवों को घुघुते खिलाने से जुड़ा है, प्रकृति से रिश्ते की याद दिलाता है। कार्यक्रम में बच्चों ने गीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से पर्यावरण संदेश दिया तथा संरक्षण की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, डीएफओ यूसी तिवारी, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह खाती, उप प्रभागीय वन अधिकारी शशि देव, मंदीप कौर, वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम, डॉ. रमन कुमार, सहित बड़ी संख्या में छात्र, पर्यटक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें