अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को बाजार क्षेत्र के फुटपाथों पर करीब चार घंटे जेसीबी गरजी। जिला प्रशासन, नगर निगम और बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में फुटपाथों पर अतिक्रमणकारियों के कब्जों पर हथौड़े, घन और सब्बल भी बरसे। करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई में टीम ने सौ से अधिक दुकानों के आगे फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त किया।
मुख्य नगर आयुक्त जयभारत सिंह, एसडीएम युक्ता मिश्रा और सीओ स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में शनिवार सुबह करीब 11 बजे टीम बाजार क्षेत्र में दाखिल हुई। बाटा चौक से उन्होंने व्यापारी नेता गुरमीत सिंह की दुकान को तोड़ना शुरू किया। तभी भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल ने उक्त व्यापारी नेता को जबरन निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए पूर्व सभासद इंद्रजीत सिंह की दुकान से अभियान शुरू करने को कहा।
इस पर टीम ने पूर्व सभासद की दुकान के आगे गन्ने की दुकान का तख्त और अन्य सामान हटा दिया। इसके बाद टीम फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त करती बढ़ गई। इस बीच पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़, व्यापारी नेेता संजय जुनेजा, सुशील गाबा समेत तमाम कांग्रेसी मुख्य बाजार मार्ग पर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने अतिक्रमण हटा रही टीम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एमएनए और एसडीएम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इस पर टीम ने प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बेहड़ और जुनेजा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान बेहड़ बेसुध होकर गिर पड़े। बाद में पुलिस दोनों को पकड़कर कोतवाली ले आई। वहां भी कांग्रेसियों का धरना जारी रहा। इधर, पूर्व मेयर सोनी कोली के पति सुरेश कोली घटनास्थल पर जेसीबी के आगे लेट गए और अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का विरोध किया। पुलिस टीम उन्हें पकड़कर किनारे ले गई।
करीब एक घंटे चले हाई वोल्टेज राजनैतिक ड्रामे के बाद टीम ने मुख्य बाजार से भगत सिंह चौक होते हुए गल्ला मंडी तक अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। कुछ स्थानों पर छुटभैये नेताओं ने टीम के विरोध का प्रयास किया, लेकिन मुख्य नगर आयुक्त ने उन्हें फटकार लगाते हुए शांत कराया। शाम करीब तीन बजे तक चले अभियान में नगर निगम की टीम ने सौ से अधिक दुकानों के आगे फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त किया। मुख्य नगर आयुक्त जयभारत सिंह ने बताया कि शेष अतिक्रमण को रविवार को ध्वस्त किया जाएगा। शहर का नक्शा बिगाड़ने वाले अतिक्रमणकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अतिक्रमण ध्वस्त करने में कहीं सख्ती तो कहीं नरमी
रुद्रपुर। फुटपाथों पर हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने के दौरान टीम में पारदर्शिता का अभाव भी देखा गया। बाटा चौक के पास राजनैतिक संरक्षण में एक व्यापारी नेता की दुकान का टिनशेड नहीं तोड़ा गया, जबकि यह व्यापारी नेता अतिक्रमण को लेकर शुरू से सुर्खियों में रहा है। इस व्यापारी द्वारा फुटपाथ पर लगाए गए टाइल्स को भी नहीं तोड़ा गया। इसके साथ ही कई अन्य दुकानों के आगे भी महज औपचारिकता के लिए एक-दो हथौड़े मारे गए। कई दुकानदारों द्वारा फुटपाथ को सड़क से काफी ऊंचा कर दिया गया था, लेकिन टीम द्वारा उसे भी ध्वस्त नहीं किया गया।
अभियान के पक्ष में नजर आई जनता
रुद्रपुर। बाजार से गुजर रहे अधिकतर लोग अतिक्रमण हटाने के अभियान के समर्थन में दिखे। लोगों ने कहा कि दुकानदारों ने फुटपाथों पर कब्जा कर पैदल चलने के स्थान को भी हड़प लिया है। अभी तक प्रशासन सिर्फ गरीब ठेला व्यापारियों के खिलाफ अभियान चलाता था, लेकिन पहली बार पक्के निर्माण वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान चलाया गया है। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा कि कानून के आगे कोई छोटा-बड़ा नहीं है।
फुटपाथों का होगा सौंदर्यीकरण : एमएनए
रुद्रपुर। मुख्य नगर आयुक्त जयभारत सिंह ने कहा कि अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जाये गए फुटपाथों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। शासन से नगर निगम को बजट मिलने के बाद इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। इधर, गांधी पार्क के सामने बाटा चौक के पास नालियों के ऊपर से अतिक्रमण हटाया गया तो कई लोगों का कहना था कि उन्हें तो पता ही नहीं था कि यहां नाली भी है। नाली में व्यापारियों ने कूड़ा-कचरा डाल रखा था। वहीं कुछ जगहों पर व्यापारियों ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर सीवर टैंक तक बना रखा था।
गल्ला में शुरू हुआ अभियान वहीं पर खत्म हुआ
रुद्रपुर। नगर निगम और प्रशासन की टीम ने 10 अप्रैल को गल्ला मंडी से अभियान शुरू किया था। करीब एक माह शनिवार को टीम ने बाटा चौक से शुरू कर गल्ला मंडी के उसी स्थान पर अतिक्रमण अभियान स्थगित किया जहां 10 अप्रैल से शुरुआत की थी। एमएनए जयभारत सिंह ने कहा कि शेष अतिक्रमण खिलाफ कार्रवाई रविवार को की जाएगी।
जब नेतागीरी नहीं चली तो खुद ही हटाया अतिक्रमण
रुद्रपुर। एक तरफ विधायक ठुकराल तो दूसरी तरफ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बेहड़ दोनों ने समर्थकों के साथ अतिक्रमण अभियान का विरोध करते हुए जमकर हंगामा काटा। दोनों में से किसी की न चलती देख व्यापारियों ने खुद ही अपना अतिक्रमण ध्वस्त करना शुरू कर दिया। कई लोग चुटकी लेते दिखे कि हाईकोर्ट के आदेश के आगे नेताओं की दाल नहीं गलने वाली और इस बार तो बिल्कुल नहीं अगर नेता व्यापारियों के साथ हैं तो क्यों नहीं सुप्रीम कोर्ट से स्टे आर्डर ले आते।
जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से शहर को उजाड़ने के लिए जेसीबी चलाई जा रही है। अतिक्रमण हटाना सही है लेकिन ध्वस्तीकरण करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त के बाहर है। शहर ही नहीं रहेगा तो तिलकराज बेहड़ क्या करेगा। लोगों के भवन गिराए जा रहे हैं इसका मैं विरोध करता हूं।
- तिलकराज बेहड़, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री।