जसपुर नगर पालिका की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को नोटिस भेजकर कचरे का उचित निस्तारण करने को कहा है। साथ ही कहा है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन न होने की दशा में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत अपराधों का संज्ञान लेते हुए न्यायालय में शिकायत वाद दाखिल किया जाएगा।
जसपुर के पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने 26 मार्च को उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की थी कि नगर पालिका द्वारा कचरे का निस्तारण सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। लपकना नदी के किनारे ग्राम समाज की भूमि और लमबोडेरिया अफजलगढ़ रोड में कचरे को डंप किया जा रहा है। साथ ही जैव चिकित्सकीय कचरे को अन्य कचरों से अलग नहीं किया जा रहा है।
इतना ही नहीं कूड़े को जलाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। शिकायत पर जब पीसीबी के अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो मौके पर जलाए हुए कूड़े के अवशेष प्राप्त हुए। पीसीबी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जसपुर नगर पालिका को नोटिस भेजकर कहा है कि नगर पालिका द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का पालन नहीं किया जा रहा है।
नोटिस के जरिये निर्देशित किया कि अविलंब नदी के किनारे कूड़ा निस्तारण बंद किया जाए। कूड़े को जलाया न जाए, बल्कि प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि नदी के किनारे कचरे के एकत्र से उक्त कचरे का बरसात के दिनों में नदी के प्रवाह के साथ बहने एवं नदी के जल को प्रदूषित होने की संभावना है।
पूर्व विधायक डॉ. सिंघल की शिकायत पर तीन अप्रैल को पीसीबी की टीम ने निरीक्षण किया। दो सदस्यीय टीम में अनुश्रवण सहायक योगेश रावत, सहायक अभियंता नरेश गोस्वामी शामिल रहे। शिकायत पर जांच करने पर शिकायत सही पाई गई। डॉ. कंसल ने बताया कि नगर पालिका के ईओ को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर कचरे का उचित निस्तारण करने को कहा गया है।