सिंचाई विभाग द्वारा बृहस्पतिवार की रात ढेला नदी में कोसी नदी से पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। जिससे नदी किनारे की बस्तियों में अफरातफरी मच गई। लोग रात भर सामान सहित छतों पर रहे।
बृहस्पतिवार की रात लगभग साढ़े दस बजे ढेला नदी के निकट धार्मिक स्थलों से की गई घोषणा में लोगों से कहा गया कि ढेला नदी में ढेला बैराज से पानी छोड़ा गया है। बाढ़ आ सकती है। बचाव को तैयार रहें। घोषणा के कुछ ही देर बाद ढेला में पानी बढ़ गया। ढेला बस्ती, मधुवन नगर, आकांशा गार्डन, श्मशान घाट, काली बस्ती किनारे बने घरों में पानी घुसने के करीब पहुंच गया।
नदी के उफान मारते शोर से लोग और डर गए। इन कालोनियों के लोगों ने बचाव के लिए अपना सामान, खाने पीने के बर्तन बांधना शुरू कर दिया। कॉलोनियों में लोग रात भर नहीं सोए। लेकिन सुबह होने तक नदी का पानी घटने लगा तब लोगों ने राहत की सांस ली। ढेला बस्ती के लोगों ने बताया कि रात को अधिकांश लोगों के घरों में खाना तक नहीं बनाया गया। जिससे बच्चे भूखे रहे। लोगों ने परिवार के साथ सामान लेकर छतों में रात गुजारी। अधिकारियों ने बताया कि ढेला बैराज के तीन गेट खोले गए थे।
18 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया
सिंचाई विभाग के ईई विजेंद्र कुमार ने बताया कि कोसी नदी के उद्गम क्षेत्र में बृहस्पतिवार को भारी वर्षा होने से कोसी नदी में बाढ़ जैसे हालात हो गए। कोसी फीडर नहर से काफी पानी आने से तुमड़िया जलाशय में छोड़ने के बाद शेष 18 हजार क्यूसेक पानी ढेला नदी में छोड़ा गया।
नदी के किनारे के गांव और बस्तियों को इसकी पहले ही सूचना दी गई।ईई ने बताया कि तुमड़िया जलाशय में पानी 837.5 फिट पानी हो चुका है। जबकि जलाशय की क्षमता 850 फिट पानी भरने की है।