जसपुर। पुलिस ने 11 साल पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार हत्यारोपी अमरीक सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अमरीक सोबन सिंह जीना बेेस अस्पताल हल्द्वानी के टीबी वार्ड में उपचार के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ था। उसके पास से एक तमंचा, फर्जी आईडी, आधार कार्ड बरामद किया है।
सीओ राजेश भट्ट ने रविवार को कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि थाना कुंडा क्षेत्र के ग्राम मछली झाला दुर्गापुर कॉलोनी निवासी अमरीक सिंह पर हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2000 में थाना काशीपुर, जसपुर, वर्ष 2003 में हत्या के मुकदमे दर्ज हुए थे। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है।
सीओ ने बताया कि 2006 में अमरीक सिंह सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल हल्द्वानी के टीबी वार्ड में उपचार कराते समय दो पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शनिवार को मुखबिर ने एसएसआई कमलेश भट्ट को अमरीक सिंह के छिपे होने की सूचना दी।
भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अमरीक सिंह को भोगपुर डाम क्षेत्र में घेराबंदी कर उसको गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा, कारतूस, फर्जी आईडी, आधार कार्ड बरामद किया। पूछताछ में अमरीक ने पुलिस को बताया कि उसके भाई गुरमीत सिंह की गांव के ही कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी।
बदला लेने की नियत से उसने अपने दोस्त ज्ञान सिंह के साथ मिलकर हरवंश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मुकदमे में उसके दोस्त को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। इसके बाद उसने गढ़ीनेगी निवासी परमजीत पम्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि वह भोगपुर में विवादित जमीन पर कब्जा करने को आया था।
पुलिस हिरासत में अमरीक ने बताया कि फरार होने के बाद वह राजस्थान चला गया था। वहां से कुछ समय बाद वह पंजाब आया। जहां वह ग्राम त्रिमाला थाना लंबी पंजाब में रहा। वहीं से फर्जी आईडी आधार कार्ड बनवाया। दो वर्ष बाद वहां से वह थाना हजारा जिला पीलीभीत यूपी में अपने ताऊ के परिवार के साथ रह रहा था। जेल से पहले वह अपनी खेती की जमीन श्रवण कुमार को बंटाई पर दे गया था। वह काफी दिन से परिवार वालों को जमीन का हिसाब नहीं दे रहा था। वह बेईमानी करने लगा था। खेती का हिसाब करने भोगपुर डाम के मछली झाले में आया था।
जसपुर। पुलिस ने बताया कि अमरीक सिंह की गांव वालों में इतनी दहशत है कि किसी ग्रामीण ने भी उसकी शिनाख्त करने की हिम्मत नहीं की। कोतवाली के बाहर से एक ग्रामीण ने उसकी शिनाख्त की। उसकी मां उसे अपने जेठ का पुत्र बताती रही और वह खुद को अमर सिंह निवासी पीलीभीत बताता रहा।
जसपुर। अमरीक सिंह ने हंसते हुए कहा कि उसे हत्या करने का कोई मलाल नहीं है। उसके भाई गुरमीत की हरवंश ने हत्या की थी। उसने उसकी हत्या कर दी। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान जब पुलिस कर्मी शराब पीकर बेहोश हो गए, तब उसने उनकी जेब से हथकड़ी की चाबी निकाली और हथकड़ी खोलकर आराम से फरार हो गया।