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Udham Singh Nagar: बिना प्रशिक्षण नहीं मिलेगा फलों की नर्सरी का लाइसेंस, नर्सरी प्रबंधन ट्रेनिंग अनिवार्य

Tue, 04 Mar 2025 02:47 PM IST
हीरा मेहरा आदर्श सिंह, अमर उजाला

सार

प्रदेश में नर्सरी लगाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य है, जो प्रशिक्षण प्रोग्राम के बाद ही मिलेगा। तभी वे प्रदेश में फलों के अधिकृत विक्रेता माने जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद ही विभागीय टीम चयनित भूमि का निरीक्षण और सत्यापन करेगी। 
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केवीके में नर्सरी प्रबंधन प्रशिक्षण लेते उत्पादक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशीपुर में पारंपरिक खेती के साथ किसान फल और सब्जियों की नर्सरी की ओर भी रुख कर रहे हैं। ऐसे में ड्रैगन फ्रूट से लेकर आम, लीची, अमरूद की विभिन्न प्रजातियों की नर्सरी तैयार की जा रही हैं। नर्सरी लगाने के लिए किसानों को उद्यान विभाग से लाइसेंस लेना होता है। अब लाइसेंस के लिए 15 दिन का नर्सरी प्रबंधन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रदेश में नर्सरी लगाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य है, जो प्रशिक्षण प्रोग्राम के बाद ही मिलेगा। तभी वे प्रदेश में फलों के अधिकृत विक्रेता माने जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद ही विभागीय टीम चयनित भूमि का निरीक्षण और सत्यापन करेगी। नर्सरी में जो पेड़ लगाए जाएंगे, उनके दस्तावेज भी उत्पादक को रखने होंगे अन्यथा उन प्रजातियों को सही नहीं माना जाएगा।

केवीके में 16 लोग ले रहे प्रशिक्षण

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कृषि विज्ञान केंद्र काशीपुर में सोमवार से जिला योजना के अंतर्गत 15 दिनी पौधशाला/नर्सरी प्रबंधन प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसमें 16 उत्पादक नर्सरी संबंधित ट्रेनिंग ले रहे हैं। नर्सरी उत्पादकों को इन दो सप्ताह में पौधों की गुणवत्ता, बिक्री प्रक्रियाओं, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संरक्षण के लिए आवश्यक तकनीकों के बारे में बताया जाएगा। यह प्रशिक्षण सरकार की नर्सरी उद्योग के लिए विकासात्मक नीति का एक हिस्सा है जिसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का उत्पादन करना है। प्रशिक्षण प्रोग्राम में मुख्य उद्यान अधिकारी प्रभाकर सिंह, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अनिल चंद्रा, डॉ. अनिल सैनी, डॉ. प्रतिभा सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।

 

पौध खराब होने पर जुर्माने के प्रावधान
फलों की नर्सरी में उत्पादक जो भी फल लगाना चाहते हैं उसके लिए फलों की रसीद भी रखनी होगी ताकि जो ग्राहक पौधा खरीदकर ले जा रहा है, उसके साथ धोखा न हो। इससे उत्पादकों के लिए भी आसानी होगी और लोगों का भरोसा बढ़ेगा। यदि किसी सरकारी या निजी नर्सरी से किसानों को मुहैया कराई गई फल पौध खराब निकलती है तो नर्सरी स्वामी पर कानून में जुर्माने व सजा का प्रावधान है।

जिले में 12 नर्सरी पंजीकृत हैं। अभी अन्य लोग भी इस प्रोग्राम से जुड़कर लाइसेंस प्राप्त करना चाह रहे हैं। ट्रेनिंग प्रोग्राम केवीके काशीपुर में चलाया जा रहा है। नर्सरी उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण जरूरी है। इससे उन्हें फलों की बुवाई, देखभाल, नियम व अन्य चीजों के बारे में वैज्ञानिकों से सीखने को मिलेगा। - प्रभाकर सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी, यूएस नगर।

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