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गोवंश का धरा पर अवतरण से लोकगमन तक हर क्षण उपयोगी: डाॅ. बृजेश

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पंतनगर। पंतनगर विवि की 65 एकड़ भूमि पर भारतरत्न नानाजी देशमुख निराश्रित गोवंश संवर्धन एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना नाबार्ड सहयोग से की गई है। इस केंद्र के प्रभारी प्राध्यापक डाॅ. बृजेश सिंह को बनाया गया है। कुलपति, निदेशक शोध, सीजीएम फार्म और डीन वेटरिनरी संचालन समिति के पदेन सदस्य होंगे।
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केंद्र प्रभारी डाॅ. बृजेश ने बताया कि केंद्र का उद्देश्य संवर्धन और एक अनुसंधान है। अनुसंधान में इन लाभों को धरा पर उतारना, उसे टिकाऊ बनाना और किसानों तक पहुंचाना इसका लक्ष्य है। इससे युवाओं को कई प्रकार के स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। पहले चरण में इसकी शुरूआत एक हजार गोवंश से करने की योजना है जिसे आगे बढ़ाकर लगभग पांच हजार तक किया जाएगा। निराश्रित गोवंश की उत्पादकता और प्रबंधन संबंधी समस्याओं पर शोध, गौमूत्र एवं गोबर से जैविक खाद, जैवामृत, घनजीवामृत, वर्मी-कंपोस्ट आदि के विकास और पंचगव्य आधारित उत्पादों पर काम करने की योजना है। कुलपति डाॅ. एसके कश्यप ने बताया कि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश की समस्या केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं है, यह सड़क सुरक्षा, कृषि और सामाजिक व्यवस्था से भी जुड़ी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र में गोवंश के वैज्ञानिक प्रबंधन और संरक्षण पर काम किया जाएगा। केंद्र में निराश्रित गोवंश के लिए वैज्ञानिक आवास, संतुलित आहार प्रबंधन, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और स्वास्थ्य प्रबंधन की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रत्येक पशु की टैगिंग और डिजिटल रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। जिससे उसके स्वास्थ्य और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित रूप से दर्ज की जा सके।
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